Tuesday , August 4 2026

लेख/स्तम्भ

जलवायु परिवर्तन और डेयरी उत्पादकता : भारत के लिए ‘क्लाइमेट-स्मार्ट’ कदम उठाने का समय

(कैप्टन (डॉ.) ए.वाई. राजेंद्र) भारत के डेयरी क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन के प्रति अपनी क्षमता को जल्द से जल्द मजबूत करना होगा। अल नीनो (El Niño) की स्थिति के कारण कमजोर मानसून, लंबे समय तक चलने वाली लू (हीटवेव) और मवेशियों पर बढ़ते गर्मी के तनाव (हीट स्ट्रेस) का खतरा …

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भारत का बढ़ता वैश्विक प्रभाव – प्रधानमंत्री मोदी की नवाचार वाली विदेश नीति 

  मिलेगा यूरेनियम और बढ़ेगी खेल तथा व्यापार संबंधों की सघनता (मृत्युंजय दीक्षित) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया ओैर न्यूजीलैंड  की महत्वपूर्ण व एतिहासिक यात्रा संपन्न करने के  बाद स्वदेश वापस आ गए हैं। हिंद प्रशांत महासागर के इन तीन देशों की यात्रा कई दृष्टियों से  ऐतिहासिक सिद्ध हुई। इन …

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आज भी प्रासंगिक है चंद्रशेखर की राजनीति

पुण्यतिथि (8 जुलाई) पर विशेष (डॉ. एस.के. गोपाल) भारतीय राजनीति में कुछ नेता समय के साथ इतिहास का हिस्सा बन जाते हैं। कुछ नेता इतिहास की दिशा भी तय करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ऐसे ही व्यक्तित्व थे। उनका जीवन सार्वजनिक मर्यादा, वैचारिक स्पष्टता और जनसेवा का उदाहरण है। उन्होंने …

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भारत की एकता और प्रगति के प्रति समर्पित एक जीवन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 6 जुलाई का दिन राष्ट्रवाद और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों में विश्वास रखने वाले करोड़ों देशवासियों के लिए बहुत ही विशेष है। आज हम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जन्म-जयंती मना रहे हैं। उनका जीवन साहस और मां भारती के प्रति अटूट समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण …

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ई-जागृति : डिजिटल भारत में उपभोक्ता न्याय के लिए नई परिकल्पना

(प्रल्हाद जोशी)   न्याय में देरी, लंबे समय से भारतीय उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी निराशाओं में से एक रही है। चाहे वह खराब उत्पाद हो, ऑनलाइन खरीदी गई वस्तु का न मिल पाना हो, या अनुचित सेवा अनुबंध हो, शिकायत दर्ज करने से लेकर राहत पाने तक की प्रक्रिया अक्सर …

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कुटिलता की चरम सीमा को पार करते आधुनिक कालनेमि

(मृत्युंजय दीक्षित)  अयोध्या राम मंदिर का चढावा चोरी विवाद निश्चय ही सनातन संस्कृति के अभ्युदय काल में एक दुखद अध्याय है। अब, जब चढावा चोरी की दुखद घटना की एसआईटी द्वारा गहन जांच चल रही है ऐसे समय सनातन विरोधी अराजक राजनीतिक दलों ने इस मुददे को अपनी राजनीति चमकाने …

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सिर्फ खेती नहीं, समृद्धि: गोदरेज एग्रोवेट के नए सफर की शुरुआत

– सुनील कटारिया (सीईओ और मेनेजिंग डायरेक्टर, गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड) जैसे-जैसे भारतीय कृषि का विकास हो रहा है, कृषि-व्यवसायों को उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं, जलवायु परिवर्तनशीलता और बाजार के बदलते रुख से आकार लेने वाले भविष्य के लिए तैयार होना होगा। गोदरेज एग्रोवेट के लिए इसका अर्थ है—किसी एक फसल, …

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आधुनिक भारत के निर्माण में कुशल इंजीनियरों की बढ़ती मांग

भारत वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने के लक्ष्य की ओर तेज़ी से अग्रसर है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए देश में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), चिकित्सकीय उपकरण, सेमीकंडक्टर, रेलवे, रक्षा उत्पादन (Defense Production) तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर उद्योगों एवं आधुनिक विनिर्माण …

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भारतीय शिक्षा दिवस : शिक्षा में भारतीयता की चेतना से विकसित भारत की दिशा तक

(डॉ. अतुल कोठारी) किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी शिक्षा व्यवस्था से निर्धारित होता है। यदि शिक्षा अपनी संस्कृति, इतिहास, जीवन-मूल्यों और राष्ट्रीय दृष्टि से जुड़ी हो तो वह केवल कुशल मानव संसाधन नहीं, बल्कि चरित्रवान, उत्तरदायी और राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों का निर्माण करती है। भारत में ऐसी ही शिक्षा व्यवस्था …

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मैं श्मशान की ठंडी राख, कुछ बोल रही हूं

(अरविंद कांत त्रिपाठी) मैं श्मशान से 15 किशोरों के चिता की ठंडी हुई “राख” बोल रही हूं – अभी तो वह नवनिहाल राष्ट्र की संरचना में सहयोग करने का ताना बाना बुन रहे थे लेकिन भ्रष्ट तंत्र और उसके सहायक उपकरणों (निजी संस्थानों) के घर्षण से लगी आग ने उन्हें …

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