Thursday , June 11 2026

लेख/स्तम्भ

भारतीय क्रिकेट का नया युग – श्रेयस और वैभव बनेंगे पहचान 

(मृत्युंजय दीक्षित) वर्ष- 2026 भारतीय क्रिकेट में बड़े बदलाव के लिये याद किया जाएगा । आईपीएल -2026 की समाप्ति के बाद भारतीय क्रिकेट टीम में कप्तान से लेकर खिलाड़ियों के चयन तक में व्यापक बदलाव हो गया है।  मात्र 15 वर्ष की आयु में ही अपनी बल्लेबाजी से सभी को …

Read More »

महाराजा सुहेलदेव और भारतीय स्वाभिमान की विजय

(डा. एस.के. गोपाल) इतिहास केवल बीते समय का लेखा-जोखा नहीं होता। इतिहास समाज की स्मृति होता है। इतिहास भविष्य का मार्गदर्शक भी होता है। कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो अपने युग की सीमाओं से आगे निकल जाते हैं। वे केवल व्यक्ति नहीं रहते, विचार बन जाते हैं। महाराजा सुहेलदेव …

Read More »

उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति 

अब कोई भी माफिया आम नागरिक को डरा नही सकता  (मृत्युंजय दीक्षित) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए  प्रतिबद्ध हैं और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करते। इसी क्रम में  प्रदेश के नए डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट कर दिया  है कि प्रदेश …

Read More »

गोमती तीरे रामानुज लक्ष्मण की पदचाप

(डॉ. एस. के. गोपाल) इन दिनों लखनऊ की सांस्कृतिक चेतना श्रीराममय है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य की रामकथा में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु जुट रहे हैं। कथा का यह आयोजन धर्म, संस्कृति, इतिहास और लोकस्मृतियों के अनेक सूत्रों को एक साथ जोड़ता दिखाई देता है। गत एक जून को कथा के दौरान रामभद्राचार्य …

Read More »

भारतीय संस्कृति और मूर्तिमान वीरता की प्रतीक-  महारानी अहिल्याबाई होल्कर

जन्म तिथि पर विशेष (मृत्युंजय दीक्षित) राष्ट्र और धर्म के लिए समर्पित, भारतीय संस्कृति और मूर्तिमान वीरता की प्रतीक महारानी अहिल्याबाई होल्कर सशक्त भारतीय नारी का पर्याय हैं । रानी अहिल्याबाई होल्कर का जन्म महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के चौंढ़ी नामक गांव में एक साधारण कृषक माणिकोजी शिंदे के परिवार …

Read More »

बशीर बद्र की शायरी का उजाला और हमारी स्मृतियों का संसार

स्मृति शेष सदी की धरोहर है बशीर बद्र की शायरी (डॉ. एस.के. गोपाल) कुछ लोग अपने जीवनकाल में ही ऐसे मुकाम पर पहुंच जाते हैं जहाँ उनका नाम केवल एक व्यक्ति का नाम नहीं रह जाता बल्कि एक एहसास, एक विचार और एक सांस्कृतिक विरासत बन जाता है। बशीर बद्र …

Read More »

आज भी प्रासंगिक हैं चौधरी चरण सिंह

पुण्यतिथि (29 मई) पर विशेष (डॉ. एस.के. गोपाल) भारतीय राजनीति में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हुए जो केवल अपने समय तक सीमित नहीं रहे, अपितु आने वाली पीढ़ियों के लिए भी विचार और प्रेरणा का आधार बन गये। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसानों के अप्रतिम नेता चौधरी चरण सिंह ऐसे …

Read More »

वीर सावरकर और राष्ट्र चेतना का स्वर

विनायक दामोदर वीर सावरकर जयंती (28 मई) पर विशेष (डॉ. एस.के. गोपाल) भारत के स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास केवल उन लोगों की कहानी नहीं है जिन्होंने सत्ता के विरुद्ध संघर्ष किया अपितु उन व्यक्तित्वों का भी इतिहास है जिन्होंने अपने विचारों, लेखनी और साहस से एक पूरी पीढ़ी को प्रभावित …

Read More »

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की सफल यात्रा

(मृत्युंजय दीक्षित) प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों संयुक्त अरब अमीरात  (यूएई ) नीदरलैंड, स्वीडन, नार्वे और इटली की छह दिवसीय यात्रा संपन्न हो चुकी है। पश्चिमी एशिया संकट सहित दुनियाभर में चल रही उथल -पुथल तथा चीन की विस्तारवादी नीतियों के दृष्टिगत प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इन देशों …

Read More »

आरक्षण की समीक्षा का समय : सामाजिक न्याय या स्थायी विशेषाधिकार?

(भगवान प्रसाद गौड़, उदयपुर) भारत में आरक्षण व्यवस्था केवल सरकारी नीति नहीं बल्कि सामाजिक न्याय की संवैधानिक प्रतिबद्धता थी। इसका उद्देश्य उन वर्गों को अवसर उपलब्ध कराना था, जो सदियों तक सामाजिक भेदभाव, शैक्षिक पिछड़ेपन और आर्थिक अभाव से जूझते रहे। लेकिन सात दशक बाद आज देश एक ऐसे दौर …

Read More »