(ऋचा सिंह) हर अप्रैल स्कूल के गेट पर नया सत्र दस्तक देता है। बस्ते बदलते हैं, किताबें बदलती हैं,यूनिफॉर्म की क्रीज़ नई होती है और बच्चों की कक्षाएं भी नई हो जाती हैं । पर क्या हमारी सोच भी बदलती है? कि इस सत्र में हम बच्चों को पहले से …
Read More »लेख/स्तम्भ
अभी न जाओ छोड़कर कि दिल अभी भरा नहीं
संगीत के आशा युग का अवसान (डॉ. एस.के. गोपाल) भारतीय संगीत जगत के लिए 12 अप्रैल का दिन गहरे शोक और स्मरण का दिन बन गया। भारतीय चित्रपट जगत की मशहूर पार्श्वगायिका आशा भोंसले ने सदा के लिए अपनी आंखें मूंद लीं। परंतु यह कहना अधूरा होगा कि वे चली …
Read More »अंधेर नगरी गोंडा : जिसका नाम एफआईआर में वही करेगा अपने खिलाफ जांच!
उत्तर प्रदेश अंधेर नगरी हो गया है. यहां के असली राजा अधिकारी ही हो चुके हैं. उन्हें ही अन्याय करना है, उन्हें ही फैसला सुनाना है और उन्हें ही न्याय भी कर देना है. अंधेर नगरी का हाल देखिये कि गोंडा में जिस अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव को पत्रकार …
Read More »समाज सेवा या सामाजिक अभिनय?—सुधार की प्रतीक्षा में खड़ा समाज
(भगवान प्रसाद गौड़) क्या हम सचमुच समाज की सेवा कर रहे हैं या केवल उसका प्रदर्शन? यह सवाल आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है। हर तरफ समाज सेवा के नाम पर कार्यक्रम, सम्मान, फोटो और खबरें दिखाई देती हैं। तालियां भी बजती हैं, सराहना भी होती है। …
Read More »प्रदेश में महापुरुषों की विरासत का होगा संरक्षण व सम्मान
प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने कसी कमर (मृत्युंजय दीक्षित) अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि पर दिव्य व भव्य मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कारिडोर तथा मथुरा वृंदावन सहित प्रदेश भर के धार्मिक स्थलों का विकास, माफिया राज को मिट्टी में मिलाने, आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने और …
Read More »समय से संवाद करता फणीश्वरनाथ रेणु का साहित्य
पुण्यतिथि (11 अप्रैल) पर स्मरण (डॉ. एस.के. गोपाल) हिंदी साहित्य में फणीश्वर नाथ रेणु का स्मरण केवल एक लेखक को याद करना भर नहीं है बल्कि उस जीवंत संवेदना को पुनः जागृत करना है जो साहित्य को समाज से जोड़ती है। क्या हम अपने समय को उतनी ही ईमानदारी और …
Read More »महात्मा ज्योतिराव फुले: भारत के दिव्य पथ-प्रदर्शक
(लेखक : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी) आज 11 अप्रैल हम सभी के लिए बहुत विशेष दिन है। आज भारत के महान समाज सुधारकों में से एक और पीढ़ियों को दिशा दिखाने वाले महात्मा ज्योतिराव फुले की जन्म-जयंती है। इस वर्ष यह अवसर और भी अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके 200वें जयंती …
Read More »परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की ऐतिहासिक सफलता
(मृत्युंजय दीक्षित) पश्चिमी एशिया युद्ध और तनाव के मध्य भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र मे आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। भारत ने तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र में क्रिटिकैलिटी प्राप्त कर ली है। अब रूस के बाद भारत दूसरा ऐसा …
Read More »नो वॉर-नो पीस: सीजफायर के बीच झूलती दुनिया
(भगवान प्रसाद गौड़, उदयपुर) पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बना वर्तमान परिदृश्य केवल एक क्षेत्रीय विवाद नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति का एक जटिल प्रतिबिंब है। इस पूरे घटनाक्रम में “सीजफायर” एक ऐसा शब्द बनकर उभरा है, जो ऊपर से शांति का संकेत देता है लेकिन …
Read More »परंपरा की पगडंडी से विकास की राह पर बंजारे
बंजारा दिवस (8 अप्रैल) पर विशेष (डॉ.एस.के. गोपाल) भारत की असली पहचान उसकी विविधता में छिपी है जहाँ हर समाज अपनी अलग परंपरा, भाषा और जीवनशैली के साथ इस देश को समृद्ध बनाता है। बंजारा समाज भी इसी विविधता का एक महत्वपूर्ण और आकर्षक हिस्सा है। यह समाज अपने रंगीन …
Read More »
Telescope Today | टेलीस्कोप टुडे Latest News & Information Portal