Thursday , September 3 2026

लेख/स्तम्भ

विधायिका की उपेक्षा से बेलगाम होती ब्यूरोक्रेसी

(डॉ. एस.के. गोपाल) उत्तर प्रदेश की अट्ठारहवीं विधानसभा अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। अगले छह-सात महीने में इसका कार्यकाल पूरा हो जाएगा। ऐसे में सरकार के कामकाज के साथ-साथ विधायिका की भूमिका और उसकी प्रभावशीलता का आकलन भी होना चाहिए। दुर्भाग्य से इस कार्यकाल में विधानसभा की संस्थागत शक्ति …

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पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार, स्वस्थ जीवन का आधार

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (01-07 सितम्बर) पर विशेष (मुकेश शर्मा) “आरोग्यं परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थसाधनं” अर्थात निरोगी होना सबसे बड़ा भाग्य है और बेहतर स्वास्थ्य से ही सभी कार्य सिद्ध होते हैं। संसार की सारी सुख-सुविधाओं, खुशियों और धन-दौलत का भोग भी तभी किया जा सकता है जब निरोगी काया हो। …

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नेपाल की त्रासदी : प्रकृति की चेतावनी को समझने का समय

विकास की दिशा पर पुनर्विचार और प्रकृति के साथ संतुलित सह-अस्तित्व ही भविष्य की राह (प्रमिल द्विवेदी) नेपाल में घटित हालिया त्रासदी ने एक बार फिर मानव सभ्यता को गंभीरता से सोचने के लिए विवश किया है कि प्रकृति के साथ हमारे संबंधों की दिशा आखिर किस ओर जा रही …

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पेट्स का खाना बदलने की सोच रहे हैं? जानें सुरक्षित और सही तरीका

(डॉ. अशोक पटनायक, हैड (R&D), गोदरेज पेट केयर) पेट्स के मालिक अक्सर यह मान लेते हैं कि खाना बदलना बस एक कटोरे की जगह दूसरा कटोरा रखने जितना आसान है। पर ऐसा नहीं है। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के ‘कॉलेज ऑफ वेटरनरी मेडिसिन’ के विशेषज्ञों के अनुसार, पालतू जानवरों के पेट में …

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बायोस्कोप से ओटीटी तक मनोरंजन का सफर

(डॉ. एस.के. गोपाल) मनोरंजन के साधन बदलते हैं तो केवल तकनीक नहीं बदलती। इसके साथ समाज की जीवनशैली और उसकी यादें भी बदलती हैं। कभी गांव की गलियों में बायोस्कोप वाला आया करता था। बच्चे मुट्ठी भर अनाज देकर दुनिया की तस्वीरें देखते थे। फिर सिनेमा आया। कहानी देखने का …

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विसंगतियों के बीच सच तलाशते हरिशंकर परसाई

जयंती (22 अगस्त) पर स्मरण (डॉ. एस.के. गोपाल) हिंदी साहित्य में हरिशंकर परसाई उस व्यंग्यकार के रूप में याद किए जाते हैं जिन्होंने हंसी को सामाजिक चेतना का माध्यम बनाया। उनकी रचनाएं पढ़ते हुए पाठक पहले मुस्कराता है और फिर ठिठक जाता है। जिस विसंगति पर वह हंस रहा होता …

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AI Could Create the Most Productive Economy in History—and the Most Unequal One

By Pranav Mittal Artificial intelligence is often described as the technology that will transform everything. It can analyse enormous amounts of information, automate routine tasks, generate content, and increasingly assist with complex decisions. Its potential economic impact is enormous. But one question deserves greater attention: Who will benefit from that productivity? …

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समंदर के रास्ते प्रगति पथ पर भारत : गतिशील अर्थव्यवस्था की अदृश्य जीवनरेखा

(प्रो. मनोज तिवारी) वैश्विक व्यापार में जैसे-जैसे भारत अपनी साख कायम करता जा रहा है, अच्छे पोर्ट, मज़बूत सप्लाई चेन और स्मार्ट लॉजिस्टिक्स वह आधार हैं जो यह तय करेंगे कि हमारी अर्थव्यवस्था कितनी आगे तक जायेगी और कितनी तेज़ी से बढ़ेगी। भारत का समुद्र से रिश्ता लगभग 4,500 साल …

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विभाजन की विफलता और अखण्ड भारत की संभावना

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस (14 अगस्त) पर विशेष (डॉ. एस.के. गोपाल) एक दिन पहले तक सब कुछ अपना था। घर अपना, खेत अपने, बाजार अपना और पड़ोसी भी अपने। फिर एक लकीर खिंची और लाखों लोगों की दुनिया बदल गई। किसी को घर छोड़ना पड़ा, किसी को गांव, किसी को …

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तिरंगे को स्वर देने वाले श्यामलाल गुप्त पार्षद

पुण्यतिथि (10 अगस्त) पर स्मरण (डॉ. एस.के. गोपाल) भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास केवल राजनीतिक संघर्ष का इतिहास नहीं है। यह उन कवियों, लेखकों और जनसेवियों की कहानी भी है जिन्होंने अपनी लेखनी से देशवासियों में राष्ट्रीय चेतना जगाई। श्यामलाल गुप्त पार्षद इसी परंपरा के महत्वपूर्ण नाम हैं। उनका नाम …

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