Thursday , September 24 2026

लेख/स्तम्भ

परंपरा की पगडंडी से विकास की राह पर बंजारे

बंजारा दिवस (8 अप्रैल) पर विशेष (डॉ.एस.के. गोपाल) भारत की असली पहचान उसकी विविधता में छिपी है जहाँ हर समाज अपनी अलग परंपरा, भाषा और जीवनशैली के साथ इस देश को समृद्ध बनाता है। बंजारा समाज भी इसी विविधता का एक महत्वपूर्ण और आकर्षक हिस्सा है। यह समाज अपने रंगीन …

Read More »

स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं, जीवन में खुशहाली लाएं

विश्व स्वास्थ्य दिवस (07 अप्रैल) पर विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं में निरंतर बढ़ोत्तरी के बाद भी हृदय रोग, डायबिटीज और कैंसर जैसी तमाम बीमारियां आज तेजी से पांव पसार रही हैं। इन बीमारियों की वजह से देश में हर साल लाखों लोग असमय जान गँवा देते हैं। बढ़ता मोटापा भी इन …

Read More »

उत्तर प्रदेश के जातिवादी राजनैतिक दलों का बेनकाब होता चेहरा 

(मृत्युंजय दीक्षित) उत्तर प्रदेश में सभी राजनैतिक दलों ने वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज कर दी हैं। इन चुनावों की दृष्टि से भारतीय जनता पार्टी का एजेंडा लगभग स्पष्ट है जबकि सपा, बसपा व कांग्रेस सहित अन्य सभी क्षेत्रीय दलों ने भी अपनी रणनीति को …

Read More »

संस्कृति को सशक्त बनाने का संकल्प

(डॉ.एस.के. गोपाल) भारतेंदु नाट्य अकादमी ने उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक परिदृश्य में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। रंगमंच के माध्यम से समाज की संवेदनाओं को व्यक्त करना, नई प्रतिभाओं को मंच देना और कला के प्रति लोगों की रुचि को विकसित करना, ये सभी कार्य इस संस्था ने निरंतर …

Read More »

भारतीय शासन व्यवस्था की पटकथा फिर से लिख रहा है मिशन कर्मयोगी

(डॉ. जितेंद्र सिंह) कल्पना करें कि राजस्थान के दूरदराज के किसी कोने में जिला कलेक्टर को एक ऐसी महत्वाकांक्षी कल्याण योजना की जिम्मेदारी सौंपी जाती है जिसके बारे में उसकी जानकारी बहुत कम है। एक दशक पहले उसे जानकारी के लिए कहीं धूल खा रही किसी नियमावली का सहारा लेना …

Read More »

तार सप्तक के सूत्रधार अज्ञेय की संवेदना

सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ की पुण्यतिथि पर विशेष (डा. एस.के. गोपाल) हिंदी साहित्य के आकाश में कुछ नाम ऐसे हैं, जो केवल रचनाकार नहीं रहते, बल्कि समय की चेतना बन जाते हैं। सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ उन्हीं में से एक हैं। चार अप्रैल का दिन हर वर्ष हमें उस विरल …

Read More »

प्राइवेट स्‍कूल प्रबंधन को बच्‍चा पैदा कराने की जिम्‍मेदारी भी सौंपी जानी चाहिये!

कुछ लोग प्राइवेट स्‍कूलों के खिलाफ आंदोलन चला रहे हैं, जबकि प्राइवेट स्‍कूल आपको हर तरह की सुविधा उपलब्‍ध करा रहे हैं. हमें प्राइवेट स्‍कूल वालों का एहसान मानना चाहिये कि अभी आपके पास बच्‍चा पैदा करके दो तीन साल बड़ा कर देने के अलावा और कोई भी जिम्‍मेदारी नहीं …

Read More »

गुजरात में भी लागू होगी समान नागरिक संहिता

(मृत्युंजय दीक्षित) वर्ष 2014 में केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद से लेकर अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में भाजपा अपने सभी संकल्पों को गंभीरता के साथ पूर्णता की ओर ले जाने के लिए अग्रसर है। भाजपा ने अपनी …

Read More »

सामाजिक समरसता के प्रतीक भगवान श्रीराम

(मृत्युंजय दीक्षित) भारत विविधतापूर्ण भाषा संस्कृति वाला देश है। देश को एक सूत्र में पिरोकर रखने के लिए ऐसे नेतृत्व की सदैव आवश्यकता रही है जो समस्त विविधताओं में समन्वय स्थापित कर सामाजिक व्यवस्था में समरसता बनाए रख सके। इस दृष्टि से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम सामाजिक समरसता के अग्रदूत …

Read More »

सुरक्षा, संवाद और आपसी सहयोग : कर्मचारी कल्याण के तीन मुख्य आधार

मेघा गोयल स्क्रोल करना, लाइक करना और शेयर करना—आजकल हर तरफ बनावटी जीवन की चमक दिखाई देती है। हर जगह बेहतरीन तस्वीरें, जश्न और आसान दिखने वाली दिनचर्या का बोलबाला है। हम में से बहुत से लोगों के लिए यह सिलसिला काम शुरू होने से काफी पहले शुरू हो जाता …

Read More »