Sunday , November 8 2026

लेख/स्तम्भ

जसपाल राणा – अभी तो बहुत काम बाकी था

(मृत्युंजय दीक्षित) भारतीय निशानेबाजी के महारथी और कोच जसपाल राणा के असामयिक निधन से सभी ओर शोक व्याप्त है।  मात्र 49 वर्ष में चले जाना निश्चय ही ह्रदय विदारक है। देश के लिए अपूरणीय क्षति है। जसपाल  निशानेबाजी के ऐसे पुरोधा थे जिन्होंने कॉमनवेल्थ खेलों  में 15 पदक जीतकर भारत …

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तुलना का दंश : जब शब्द बन जाते हैं मानसिक हिंसा

(भगवान प्रसाद गौड़) हिंसा का अर्थ केवल शारीरिक आघात तक सीमित नहीं है। किसी व्यक्ति के मन, आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को चोट पहुँचाने वाला व्यवहार भी हिंसा का ही एक रूप है। दुर्भाग्य से आधुनिक समाज में एक ऐसी मानसिक हिंसा निरंतर बढ़ रही है जिसे सामान्य और आवश्यक व्यवहार …

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तृण तृण बिखरती तृणमूल

(मृत्युंजय दीक्षित) जब 4 मई 2026 को बंगाल जनता ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार की विदाई का जनादेश सुनाया तब किसी ने भी सपने नहीं सोचा था कि इस हार के बाद तृणमूल कांग्रेस तृण तृण होकर बिखरने लगेगी।  बंगाल विधानसभा में तृणमूल के 80 विधायक जीतकर …

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भारतीय क्रिकेट का नया युग – श्रेयस और वैभव बनेंगे पहचान 

(मृत्युंजय दीक्षित) वर्ष- 2026 भारतीय क्रिकेट में बड़े बदलाव के लिये याद किया जाएगा । आईपीएल -2026 की समाप्ति के बाद भारतीय क्रिकेट टीम में कप्तान से लेकर खिलाड़ियों के चयन तक में व्यापक बदलाव हो गया है।  मात्र 15 वर्ष की आयु में ही अपनी बल्लेबाजी से सभी को …

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महाराजा सुहेलदेव और भारतीय स्वाभिमान की विजय

(डा. एस.के. गोपाल) इतिहास केवल बीते समय का लेखा-जोखा नहीं होता। इतिहास समाज की स्मृति होता है। इतिहास भविष्य का मार्गदर्शक भी होता है। कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो अपने युग की सीमाओं से आगे निकल जाते हैं। वे केवल व्यक्ति नहीं रहते, विचार बन जाते हैं। महाराजा सुहेलदेव …

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उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति 

अब कोई भी माफिया आम नागरिक को डरा नही सकता  (मृत्युंजय दीक्षित) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए  प्रतिबद्ध हैं और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करते। इसी क्रम में  प्रदेश के नए डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट कर दिया  है कि प्रदेश …

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गोमती तीरे रामानुज लक्ष्मण की पदचाप

(डॉ. एस. के. गोपाल) इन दिनों लखनऊ की सांस्कृतिक चेतना श्रीराममय है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य की रामकथा में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु जुट रहे हैं। कथा का यह आयोजन धर्म, संस्कृति, इतिहास और लोकस्मृतियों के अनेक सूत्रों को एक साथ जोड़ता दिखाई देता है। गत एक जून को कथा के दौरान रामभद्राचार्य …

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भारतीय संस्कृति और मूर्तिमान वीरता की प्रतीक-  महारानी अहिल्याबाई होल्कर

जन्म तिथि पर विशेष (मृत्युंजय दीक्षित) राष्ट्र और धर्म के लिए समर्पित, भारतीय संस्कृति और मूर्तिमान वीरता की प्रतीक महारानी अहिल्याबाई होल्कर सशक्त भारतीय नारी का पर्याय हैं । रानी अहिल्याबाई होल्कर का जन्म महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के चौंढ़ी नामक गांव में एक साधारण कृषक माणिकोजी शिंदे के परिवार …

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बशीर बद्र की शायरी का उजाला और हमारी स्मृतियों का संसार

स्मृति शेष सदी की धरोहर है बशीर बद्र की शायरी (डॉ. एस.के. गोपाल) कुछ लोग अपने जीवनकाल में ही ऐसे मुकाम पर पहुंच जाते हैं जहाँ उनका नाम केवल एक व्यक्ति का नाम नहीं रह जाता बल्कि एक एहसास, एक विचार और एक सांस्कृतिक विरासत बन जाता है। बशीर बद्र …

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आज भी प्रासंगिक हैं चौधरी चरण सिंह

पुण्यतिथि (29 मई) पर विशेष (डॉ. एस.के. गोपाल) भारतीय राजनीति में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हुए जो केवल अपने समय तक सीमित नहीं रहे, अपितु आने वाली पीढ़ियों के लिए भी विचार और प्रेरणा का आधार बन गये। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसानों के अप्रतिम नेता चौधरी चरण सिंह ऐसे …

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