Wednesday , September 23 2026

लेख/स्तम्भ

बशीर बद्र की शायरी का उजाला और हमारी स्मृतियों का संसार

स्मृति शेष सदी की धरोहर है बशीर बद्र की शायरी (डॉ. एस.के. गोपाल) कुछ लोग अपने जीवनकाल में ही ऐसे मुकाम पर पहुंच जाते हैं जहाँ उनका नाम केवल एक व्यक्ति का नाम नहीं रह जाता बल्कि एक एहसास, एक विचार और एक सांस्कृतिक विरासत बन जाता है। बशीर बद्र …

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आज भी प्रासंगिक हैं चौधरी चरण सिंह

पुण्यतिथि (29 मई) पर विशेष (डॉ. एस.के. गोपाल) भारतीय राजनीति में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हुए जो केवल अपने समय तक सीमित नहीं रहे, अपितु आने वाली पीढ़ियों के लिए भी विचार और प्रेरणा का आधार बन गये। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसानों के अप्रतिम नेता चौधरी चरण सिंह ऐसे …

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वीर सावरकर और राष्ट्र चेतना का स्वर

विनायक दामोदर वीर सावरकर जयंती (28 मई) पर विशेष (डॉ. एस.के. गोपाल) भारत के स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास केवल उन लोगों की कहानी नहीं है जिन्होंने सत्ता के विरुद्ध संघर्ष किया अपितु उन व्यक्तित्वों का भी इतिहास है जिन्होंने अपने विचारों, लेखनी और साहस से एक पूरी पीढ़ी को प्रभावित …

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की सफल यात्रा

(मृत्युंजय दीक्षित) प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों संयुक्त अरब अमीरात  (यूएई ) नीदरलैंड, स्वीडन, नार्वे और इटली की छह दिवसीय यात्रा संपन्न हो चुकी है। पश्चिमी एशिया संकट सहित दुनियाभर में चल रही उथल -पुथल तथा चीन की विस्तारवादी नीतियों के दृष्टिगत प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इन देशों …

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आरक्षण की समीक्षा का समय : सामाजिक न्याय या स्थायी विशेषाधिकार?

(भगवान प्रसाद गौड़, उदयपुर) भारत में आरक्षण व्यवस्था केवल सरकारी नीति नहीं बल्कि सामाजिक न्याय की संवैधानिक प्रतिबद्धता थी। इसका उद्देश्य उन वर्गों को अवसर उपलब्ध कराना था, जो सदियों तक सामाजिक भेदभाव, शैक्षिक पिछड़ेपन और आर्थिक अभाव से जूझते रहे। लेकिन सात दशक बाद आज देश एक ऐसे दौर …

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राजा राममोहन राय और आधुनिक भारतीय चेतना

राजा राममोहन राय जयंती (22 मई) पर विशेष (डॉ. एस.के. गोपाल) भारतीय समाज का इतिहास केवल राजाओं, युद्धों और साम्राज्यों का इतिहास नहीं है। यह उन लोगों का भी इतिहास है जिन्होंने समय से आगे जाकर सोचा और समाज से ऐसे सवाल पूछे जिन्हें पूछने का साहस बहुत कम लोग …

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शुभेंदु सरकार के त्वरित निर्णयों से उभरता नया बंगाल

(मृत्युंजय दीक्षित) बंगाल में 69 वर्षों के अथक संघर्ष के बाद बनी  शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार अपने चुनावी संकल्प पत्र के अनुरूप काम पर लग गई है। सत्ता परिवर्तन होते ही सभी धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बंद करवाए गए। अवैध बूचड़खानों पर बुलडोजर एक्शन के आदेश जारी …

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बिना विभाग के मंत्री जी की चांदी! 

नेताजी बेहद मायूस और उदास थे. एकटक शून्‍य में निहारे जा रहे थे. चेहरे पर कोई भाव नहीं. पास बैठे उनके खास सलाहकार जागीर वनवासिया जी को भी कुछ सूझ नहीं रहा था कि नेताजी भाई साहब का मन कैसे बहलाया जाये. वनवासियाजी को लगा कि कहीं नेताजी की भाभीजी …

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वैचारिक संघर्ष से सत्ता के शिखर तक, ऐसा रहा भाजपा के उदय का सफर 

(डॉ. अतुल मलिकराम) भारतीय राजनीति के पन्नों में भारतीय जनता पार्टी का उदय यूं तो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगता, लेकिन इसके पीछे दशकों का पसीना और वैचारिक तपस्या है। आज जो पार्टी दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक संगठन के रूप में खड़ी है, उसकी नींव संघर्षों की …

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भाजपा समग्र हिंदुत्व पर ही लड़ेगी उत्तर प्रदेश की चुनावी लड़ाई

(मृत्युंजय दीक्षित) पश्चिम बंगाल की विजय से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में 2027 की चुनावी तैयारियां प्रांरभ कर दी हैं। बंगाल से स्पष्ट  जनादेश आ जाने के बाद भाजपा की स्थिति मजबूत हो गई है। समाजवादी पार्टी एसआईआर, चुनाव आयोग व ईवीएम के खिलाफ वातावरण बनाने में …

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