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फार्मा कॉन्क्लेव–2026 में नीति, अवसंरचना और नवाचार पर हुआ व्यापक मंथन

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। योगी सरकार राज्य को फार्मा एवं बायो-फार्मा क्षेत्र में देश के अग्रणी निवेश गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में मंगलवार को आयोजित फार्मा कॉन्क्लेव–2026 का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। कॉन्क्लेव का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में फार्मा, बायो-फार्मा एवं आयुष आधारित उद्योगों में निवेश की संभावनाओं को सुदृढ़ करना तथा उद्योग, सरकार और नीति-निर्माताओं के बीच संवाद को और मजबूत करना रहा।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उत्पादन एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि फार्मा कॉन्क्लेव–2026 उत्तर प्रदेश के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सफल आयोजन सिद्ध हुआ है। योगी सरकार के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क, रेल, वायु संपर्क, विद्युत आपूर्ति, कानून व्यवस्था और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में निरंतर सुधार किए गए हैं, जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि फार्मा क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों को राज्य सरकार द्वारा हर स्तर पर सहयोग प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित पैनल चर्चा “प्रतिस्पर्धी फार्मा इकोसिस्टम – उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचा, उद्योग और विनियमन” की अध्यक्षता मंत्री राकेश सचान ने की। सह-अध्यक्षता मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने की, जबकि सत्र का संचालन इंडियन फार्मास्युटिकल एलायंस (आईपीए) के महासचिव सुदर्शन जैन ने किया।

पैनल चर्चा में प्रमुख सचिव, आयुष विभाग रंजन कुमार, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त, यूपीसीडा एवं यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इंडियन फार्माकोपिया कमीशन के सचिव एवं निदेशक (वैज्ञानिक) सहित उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। उद्योग प्रतिनिधियों में एमएसएन लेबोरेटरीज, डाबर तथा फार्मा ओनर्स फेडरेशन (FOPE) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि योगी सरकार उद्योग-अनुकूल नीतियों के माध्यम से फार्मा एवं बायो-फार्मा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। फार्मा नीति में आवश्यक सुधारों के लिए सरकार पूरी तरह खुली है और उद्योग जगत से प्राप्त सुझावों के आधार पर नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा घोषित 10,000 करोड़ रुपये की बायो-फार्मा पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश निवेश के लिए मजबूत अवसंरचना, अनुसंधान सुविधाएं और क्लीनिकल ट्रायल्स का सशक्त आधार प्रदान करता है।

प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने कहा कि योगी सरकार आयुष, वेलनेस और फार्मा के समन्वित मॉडल को प्रोत्साहित कर रही है। राज्य में वेलनेस सेंटर, आयुष आधारित चिकित्सा, अनुसंधान एवं फाइटो-फार्मास्युटिकल्स के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। आयुष नीति के माध्यम से निवेशकों को न्यूनतम विनियमन, अनुसंधान सहयोग और आधुनिक चिकित्सा ढांचे से जोड़ने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है।

इंडियन फार्मास्युटिकल एलायंस के महासचिव सुदर्शन जैन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फार्मा उद्योग के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा, निवेश प्रोत्साहन नीतियां और सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता इसे देश के सबसे संभावनाशील राज्यों में शामिल करती हैं। उन्होंने उद्योग और सरकार के बीच निरंतर संवाद को फार्मा इकोसिस्टम के विकास के लिए आवश्यक बताया।