लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बजट में राज्य में रोजगार के अवसरों के विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन समिति को संस्थागत मजबूती दी गई है। इसके गठन हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इसके माध्यम से श्रमिकों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
अपने घर और गांव से दूर शहरों में कार्यरत मजदूरों के लिए लेबर अड्डों के निर्माण की घोषणा कर श्रमिकों को संगठित, सुरक्षित और व्यवस्थित कार्यस्थल उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की गई है। यह कदम प्रवासी श्रमिकों के श्रम प्रबंधन और सुविधा विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के माध्यम से श्रमिक परिवारों का सशक्तिकरण
बजट 2026-27 में श्रमिक परिवारों के सामाजिक उत्थान को भी प्राथमिकता दी गई है। अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क आदर्श शिक्षा प्रदान की जा रही है। वर्तमान में इन विद्यालयों में श्रमिकों के 10,876 बच्चे अध्ययनरत हैं। इस योजना हेतु बजट में 70 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। वित्त मंत्री ने बताया कि निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने के लिए पहली बार मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया है। एक्स-ग्रेशिया अनुदान व्यवस्था के तहत पंजीकृत असंगठित श्रमिकों के दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता पर 1 लाख रुपये के भुगतान का प्रावधान जारी रखा गया है।
8.41 करोड़ कामगारों को फैमिली आईडी
वित्त मंत्री ने कहा कि कामगारों को मुख्यधारा की योजनाओं से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया है। वर्तमान में ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत 8.41 करोड़ कामगारों के सापेक्ष फैमिली आईडी उपलब्ध कराई गई है। इसका उद्देश्य योजनाओं का लक्षित क्रियान्वयन और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है। डिजिटल पहचान के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ाने का संकेत बजट में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
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