Wednesday , February 11 2026

SCIENCE CITY : विज्ञान के प्रति बढ़ी जागरूकता, नवाचार आधारित विकास को मिला बढ़ावा

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। आंचलिक विज्ञान नगरी में आयोजित नवप्रवर्तन महोत्सव का बुधवार को समापन हो गया। समापन समारोह राधे लाल (संयुक्त निदेशक, यूपीसीएसटी) की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस महोत्सव में लगभग 1650 छात्रों एवं आम आगंतुकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और दिनभर नवाचार आधारित स्टॉल प्रदर्शन तथा परियोजना प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

सभा को संबोधित करते हुए राधे लाल ने युवा नवप्रवर्तकों के प्रयासों की सराहना की और जमीनी स्तर से लेकर संस्थागत स्तर तक वैज्ञानिक संस्कृति एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों में निरंतर सुधार करते हुए तकनीकी उन्नति एवं सतत विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने हेतु एक शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। वहीं विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट परियोजनाओं को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार वितरण किया गया।

कॉलेज परियोजना श्रेणी में श्री राम स्वरूप मेमोरियल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट के मोहम्मद साहिल और उत्कर्ष पटेल विजेता रहे। स्कूल परियोजना श्रेणी में सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, राजाजीपुरम के प्रथामेश सिंह और आद्यंत पांडेय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। एनएक्सटी रोबोटिक प्रतियोगिता के विजेता सीएमएस चौक के अली मोहम्मद रहे। परिवारों के लिए आयोजित इनोवेटिव चैलेंज प्रतियोगिता में गुलज़ार परिवार विजेता रहा।

जमीनी स्तर के नवप्रवर्तकों को उनकी सृजनात्मकता एवं व्यावहारिक समस्या-समाधान में योगदान के लिए विशेष स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया। आगंतुकों ने महोत्सव की भूरि-भूरि प्रशंसा की। साइंस सिटी के एक आगंतुक ने कहा कि इस प्रकार की पहलें विज्ञान संवर्धन के लिए अत्यंत लाभकारी हैं और लखनऊ शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

परियोजना समन्वयक स्वरूप मंडल ने कहा कि इस इनोवेशन फेस्टिवल का उद्देश्य वैज्ञानिक संस्कृति को बढ़ावा देना और इनोवेशन हब में नियमित गतिविधियों के माध्यम से समाज को प्रेरित करना है। उन्होंने विज्ञान प्रसार और नवाचार-आधारित विकास को बढ़ावा देने में यूपीसीएसटी के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

यह महोत्सव छात्रों, नवप्रवर्तकों, शिक्षकों और आगंतुकों को नए विचारों से जुड़ने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने और सामाजिक प्रगति के लिए नवाचार का उत्सव मनाने का एक सफल मंच प्रदान करने में सफल रहा।