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धूल-धुएं के बीच ‘ग्रीन ओएसिस’ बनी अमरावती स्पोर्ट्स सिटी

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। जहां हर सांस में धूल, धुंआ और प्रदूषण का बोझ बढ़ता जा रहा है, कान वाहनों के शोर का सुनकर थक गए हैं और कंक्रीट के जंगल देखते-देखते आखें उक्ता गई हों वहां हरियाली और पेड़-पौधे मन को सुकून देते हैं। यह हरियाली न सिर्फ मन को सुकून देती हैं बल्कि इस बार अर्थ डे की थीम अवर पावर, अवर प्लैनेट को भी चरितार्थ करती है। हालांकि, इन सबके बावजूद शहरी जीवन यह परिकल्पना बड़ी मुश्किल नजर आती है क्योंकि अधिकतर प्राइवेट बिल्डरों की कोशिश अधिक से अधिक जमीन को बेंचकर पैसे कमाने की कोशिश होती है। ऐसे में हरियाली और पेड़-पौधों के लिए जगह बमुश्किल बनती है। यही कारण है कि वीकेंड्स या फिर किसी त्योहार पर मिलने वाली छुट्टी के दिन शहर के प्रमुख पार्क लोगों से भरे मिलते हैं।

लखनऊ में जहां एयर क्वालिटी अक्सर पूअर से लेकर अनहेल्दी स्तर पर रहती है और सांस की बीमारियाँ, हृदय रोग तथा बच्चों में एलर्जी तेजी से बढ़ रही है, वहां ऐसी हरियाली से भरी सोसायटी में रहने वालों को हर रोज तरोताजा हवा और स्वस्थ वातावरण दे रही है। सुबह की सैर, बच्चों का खेलना, बुजुर्गों का टहलना सब कुछ हरे-भरे वातावरण में संभव हो पा रहा है। पार्क में बीता एक दिन कुछ हद तक आने वाले हफ्ते के लिए लोगों को कुछ हद तक रीचार्ज तो जरूर कर देता है लेकिन कितना अच्छा हो अगर जिस सोसायटी में आप रहते हों वह हरियाली से परिपूर्ण हो।

इस कोशिश को कुछ हद तक आईआईएम रोड पर बसी अमरावती स्पोर्ट्स सिटी ने पूरी करने की कोशिश की है। यहां हरियाली के बीच बिताया हर पल एक सुकून देता है। जिंदगी कुछ समय के लिए ठहरती है। इस तरह की लशग्रीन रेजिडेंशियल सोसायटी का होना न केवल राहत देता है बल्कि उम्मीद भी जगाता है। यहां लगभग 72 प्रजातियों के वृक्षों और पौधों लगाए गए हैं। इसमें गोल्डन बॉटल ब्रश टॉपियरी, ट्राइंगुलर पाम, रबर प्लांट, फिकस ब्लैक, वॉशिंगटनिया, फॉक्सटेल पाम, कैलियंड्रा, चांदनी, गोल्डन बांसू से लेकर फिस्टेल पाम जैसी प्रजातियों के पेड़ शामिल हैं।

यह हरियाली से परिपूर्ण वातावरण उस वक्त और महत्वपूर्ण हो जाता है जब लखनऊ जैसे शहर में वायु प्रदूषण की स्थिति इतनी गंभीर है कि सांस की बीमारियां, हृदय रोग और बच्चों की बढ़ती एलर्जी आम हो चुकी है। ऐसे में अमरावती स्पोर्ट्स सिटी की यह कोशिश न सिर्फ सौंदर्यीकरण बढ़ावा देगी बल्कि लंबी आयु की ओर एक महत्वपूर्ण कदम भी बढ़ाएगी। इन 72 प्रजातियों के पौधे न सिर्फ ऑक्सीजन देते हैं, बल्कि कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और अन्य हानिकारक गैसों को सोखकर हवा को शुद्ध भी करते हैं। फिकस, रबर प्लांट और क्रोटन जैसे पौधे तो घर के अंदर और बाहर दोनों जगह वायु शुद्धिकरण में माहिर माने जाते हैं।

अमरावती के फाउंडर एवं चेयरमैन रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि अमरावती स्पोर्ट्स सिटी का फायदा केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं है। यह सोसायटी ‘स्पोर्ट्स सिटी’ नाम को सार्थक करते हुए हर रोज़ सैकड़ों परिवारों को स्वस्थ जीवन शैली दे रही है। सुबह की सैर पर हरे-भरे पेड़ों के बीच तरोताजा हवा, बच्चों का खेलना, बुजुर्गों का टहलना, यह सब प्रदूषित शहर में एक सांस लेने लायक जगह बन गए हैं। यहां की हरियाली न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य सुधार रही है, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम कर रही है। वैज्ञानिक अध्ययनों में साबित है कि हरे-भरे वातावरण में रहने वाले लोगों में डिप्रेशन और चिंता की दर काफी कम होती है। अमरावती स्पोर्ट्स सिटी में नाम के अनुरुप ही विश्वस्तरीय क्रिकेट स्टेडियम, फुटबॉल फील्ड, एक्सक्लूसिव इंडोर स्पोर्ट्स एरीना, बॉस्केटबॉल कोर्ट, प्रोफेशनल टेनिस कोर्ट, टूर्नामेंट के योग्य इंडोर बैडमिंटन कोर्ट, ताइक्वांडो, जूडो ट्रेनिंग सेंटर, एक्सक्लूसिव बॉक्स क्रिकेट, स्केटिंग रिंग भी मौजूद हैं।