Thursday , September 10 2026

लेख/स्तम्भ

वनों में आग का बढ़ता खतरा: भारत के वनों की स्थिति

लेखक:श्री बिवाश रंजनअतिरिक्त महानिदेशक (वन एवं वन्यजीव), पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय जीवन के प्रमुख तत्वों में से एक, आग समाज में और मानवता के समग्र अस्तित्व के लिए एक अभिन्न भूमिका निभाती है। आग वन पर्यावरण का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह स्वस्थ वनों को संरक्षित करने, …

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यूएई-भारत सीईपीए: उल्लेखनीय प्रगति का एक वर्ष

लेखकः डॉ. थानी बिन अहमद अल जायौदी (विदेश व्यापार राज्य मंत्री, संयुक्त अरब अमीरात) और पीयूष गोयल, (वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण तथा वस्त्र मंत्री, भारत सरकार) आज से ठीक एक साल पहले, 18 फरवरी, 2022 को, संयुक्त अरब अमीरात एवं भारत ने अपने लम्बे और …

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तुम जी भरकर जी लो : नागेन्द्र

मेरे दोस्त, तुम अपने जीवन को लेकर संजीदा हो जाओ। समय बहुत तेजी से गुजरता जा रहा है। यह जिन्दगी तुमको दोबारा कोई मौका नहीं देगी। यह मानव जीवन बड़ी मुश्किल से मिलता है। तुम इसको अच्छे से जीने की कला सीख लो। तुम परहित करके अपना जीवन सफल बना …

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आँखों सुनी – कानों देखी

सुजीत कुमार सिंह ये स्वभाव का प्रभाव है कि उनके अश्थि-पंजर स्वयं ढीले हो गए हैं। औषधि प्रयास पर अब रणकेश्वर चलते बसंत हैं पर अब अपने शेषावतार से अपने अधीन हज़ारों लोग पर उनका गुस्सा बिहार जारी है। सही हो या गलत अंत तुरंत है। उनकी कलम है कि …

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आँखों सुनी कानों देखी

(वरिष्ठ पत्रकार सुजीत कुमार सिंह) कहते हैं पुण्य की सत्ता हमेशा स्वीकृत रहती है। पुण्य आत्मिक अध्यात्म का सर्वोच्च विधान है। वस्तुतः पुण्य कर्म विशेष को कहते हैं। सनातन सभ्यता में पुण्य सदाचार का प्रतीक है। पुण्य, व्यक्ति में उसके आत्मज्ञान, आदर्श, संस्कार, गुण और आलोक की सयुंक्त प्रेरणा है। …

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मांँ हीराबेन को समर्पित पीएम मोदी का ब्लॉग ‘मांँ’

“मां, ये सिर्फ एक शब्द नहीं है। जीवन की ये वो भावना होती जिसमें स्नेह, धैर्य, विश्वास, कितना कुछ समाया होता है। दुनिया का कोई भी कोना हो, कोई भी देश हो, हर संतान के मन में सबसे अनमोल स्नेह मां के लिए होता है। मां, सिर्फ हमारा शरीर ही …

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