Tuesday , September 8 2026

कानपुर में डेंगू के खिलाफ अभियान तेज, बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी पहुंची स्वास्थ्य टीम

कानपुर (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को नोडल अधिकारी (वीबीडी) डॉ. राजेश्वर सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह, वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक प्रशान्त कुमार वर्मा, लैब टेक्नीशियन गणेश शंखवार, संस्था पाथ के रीजनल कोऑर्डिनेटर डॉ. शिवकांत समेत जनपदीय टीम ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के यूजी बालिका छात्रावास सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। यह कार्रवाई एक डेंगू मरीज मिलने के बाद बुखार सर्वेक्षण, जांच, सोर्स रिडक्शन और अन्य निरोधात्मक गतिविधियों के तहत की गई।

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के दो ब्लॉक और बालिका छात्रावास के पांच ब्लॉक में मलेरिया निरीक्षक प्रभा सोनकर की टीम ने सोर्स रिडक्शन, लार्वीसाइडल स्प्रे, बुखार सर्वेक्षण, इंडोर स्प्रे, आवश्यक जांच तथा जनजागरूकता अभियान चलाया। छात्रावास में तीन नोटिस काटे गए। छात्राओं और अन्य लोगों को मच्छरों से होने वाली बीमारियों से बचाव के उपाय बताए गए।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भी किया निरीक्षण

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मेहरबान सिंह का पुरवा ब्लॉक बिधनू और तात्या टोपे नगर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. नीरज सचान द्वारा प्रतिदिन लगाए जा रहे स्वास्थ्य शिविर और सोर्स रिडक्शन की गतिविधियों की जानकारी ली गई। आश्रय स्थलों में रह रहे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देकर जागरूक किया गया। साथ ही नगर निगम के समन्वय से इन क्षेत्रों में विशेष रूप से शाम के समय फॉगिंग कराने के निर्देश दिए गए।

928 घरों का सर्वे, 16 में मिला लार्वा

स्वास्थ्य विभाग की ओर से मोती मोहाल, हर्षंशा मोहाल, बीबीपुर, आर्य समाज मंदिर निराला नगर, सूजी के मैदान बबूपुरवा, दर्शन पुरवा, रतनपुर, दुर्गापुरा (रुद्र विहार), बसंत विहार नौबस्ता तथा जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज समेत विभिन्न क्षेत्रों में एंटोमोलॉजिकल सर्वेक्षण किया गया। कुल 928 घरों का सर्वेक्षण किया गया, जिसमें 16 घरों में लार्वा धनात्मक पाए गए। टीम ने 4,848 पात्रों की जांच की और 16 घरों में लार्वा नष्ट कराया।

ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, इंडोर स्पेस स्प्रे और नालियों में लार्वीसाइडल स्प्रे भी कराया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आश्रय स्थलों के आसपास शाम के समय फॉगिंग कराई गई। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की है। जलभराव वाले स्थानों पर आवश्यक सावधानी बरतने, खुले शरीर पर प्राकृतिक रिपेलेंट क्रीम का इस्तेमाल करने और शरीर के अधिकांश हिस्से को कपड़ों से ढककर रखने की सलाह दी गई।

तीन स्वास्थ्य शिविरों में 121 मरीज देखे गए

अभियान के तहत नौगवां गौतम, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और मेहरबान सिंह का पुरवा में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इन शिविरों में कुल 121 सामान्य मरीजों को देखा गया। इनमें 33 मरीजों की मलेरिया और डेंगू संबंधी जांच की गई। नौगवां गौतम में 52 सामान्य मरीजों में 20 की मलेरिया एवं डेंगू जांच हुई और सात मरीजों को डेंगू रिपोर्ट के लिए एसएसएच भेजा गया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पांच मरीजों की जांच की गई और पांच को एसएसएच भेजा गया। वहीं मेहरबान सिंह का पुरवा में 64 मरीज देखे गए, जिनमें आठ की मलेरिया एवं डेंगू जांच हुई। किसी भी शिविर में मलेरिया पॉजिटिव मरीज नहीं मिला।

स्वास्थ्य विभाग ने संचारी रोगों से संबंधित सूचना देने और जानकारी प्राप्त करने के लिए उर्सला चिकित्सालय परेड स्थित कंट्रोल रूम की हेल्पलाइन 0512-2333810 और 9335301096 जारी की है। वहीं नगर निगम स्थित कंट्रोल रूम के नंबर 0512-2526004 और 2526005 पर भी सूचना दी जा सकती है। विभाग के अनुसार सूचना मिलने पर संबंधित क्षेत्र में टीम भेजकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।