लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। मुथूट पप्पाचन समूह की मुख्य कंपनी मुथूट फिनकॉर्प लिमिटेड (“एमएफएल”) ने सुरक्षित, रेटिंग प्राप्त और प्रतिदेय गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर – एनसीडी) की एनसीडी ट्रांच-5 (नीचे परिभाषित) लॉन्च करने की घोषणा की है, जिनका अंकित मूल्य 1,000 रुपये प्रति डिबेंचर है। एनसीडी ट्रांच-5 पेशकश आठ सितंबर, 2026 को खुलेगी। इस पेशकश से हासिल कुल राशि का इस्तेमाल ऋण वितरण, वित्तपोषण, मौजूदा ऋण के ब्याज और मूलधन के भुगतान/पूर्व-भुगतान और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
मुथूट फिनकॉर्प लिमिटेड ट्रांच-5 पेशकश के तहत 70,000 लाख रुपये तक जुटाना चाहती है, जो 3,00,000 लाख रुपये की मंजूर शेल्फ लिमिट के दायरे में है। एनसीडी ट्रांच-5 पेशकश में 35,000 लाख रुपये का मूल आकार और 35,000 लाख रुपये तक का ग्रीन शू विकल्प शामिल है, जिससे कुल राशि 70,000 लाख रुपये (एनसीडी ट्रांच-5) तक हो जाती है। इन एनसीडी से 24, 36, 60 और 72 महीनों के अलग-अलग अवधि विकल्प पर 8.89% से 9.25% तक का प्रभावी सालाना यील्ड हासिल होता है।
एनसीडी ट्रांच-5 पेशकश आम जनता के लिए 22 सितंबर, 2026 तक खुली रहेगी, हालांकि मुथूट फिनकॉर्प के निदेशक मंडल या निदेशक मंडल की स्टॉक आवंटन समिति की स्वीकृति से इसे जल्दी बंद भी किया जा सकता है। ऐसा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (गैर-परिवर्तनीय प्रतिभूतियों का निर्गम और सूचीबद्धता) विनियम, 2021 (संशोधित) (“सेबी एनसीएस विनियम”) के विनियम 33ए के अनुसार किया जाएगा।
इन गैर-परिवर्तनीय डिबेंचरों (एनसीडी) को क्रिसिल रेटिंग्स लिमिटेड ने ‘क्रिसिल एए/स्टेबल’ (“स्थिर दृष्टिकोण के साथ क्रिसिल डबल ए”) और ब्रिकवर्क रेटिंग्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने ‘बीडब्ल्यूआर एएक+/स्टेबल’ रेटिंग प्रदान की है। इन रेटिंग से वित्तीय देनदारियों को समय पर चुकाने के संबंध में उच्च स्तर की सुरक्षा ज़ाहिर होती है। इन इंस्ट्रूमेंट को बीएसई लिमिटेड के ऋण बाज़ार खंड में सूचीबद्ध किये जाने का प्रस्ताव है।
बिमटेक और इंस्टीट्यूट ऑफ एक्चुअरीज ऑफ इंडिया के बीच एमओयू, कार्बन मार्केट्स और क्लाइमेट फाइनेंस में प्रोफेशनल कैपेबिलिटी बढ़ाने पर जोर
बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (बिमटेक) और इंस्टीट्यूट ऑफ एक्चुअरीज ऑफ इंडिया ने प्रोफेशनल लर्निंग को मजबूत करने और उभरते क्षेत्रों में प्रोफेशनल क्षमताएं विकसित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। एमओयू पर बिमटेक के डीन एवं डिप्टी डायरेक्टर डॉ. पंकज प्रिया और आईएआई की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. रुचिता वर्मा ने हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के तहत बिमटेक और आईएआई अगले एक साल में मिलकर 2-3 सर्टिफिकेशन प्रोग्राम तैयार कर संचालित करेंगे। दोनों संस्थान मैनेजमेंट एजुकेशन और एक्चुरियल साइंस में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए इन कार्यक्रमों को विकसित करेंगे।
एमओयू के तहत पहला कार्यक्रम ‘सर्टिफिकेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑन कार्बन क्रेडिट्स एंड कार्बन मार्केट्स’ है। इसके जरिए वर्किंग प्रोफेशनल्स, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े लोगों को तेजी से बदल रही कार्बन इकोनॉमी की प्रैक्टिकल इंफॉर्मेशन दी जाएगी। इस कार्यक्रम की रूपरेखा बिमटेक की डायरेक्टर डॉ. प्रबीना राजिब के नेतृत्व में तैयार की गई है। वह ग्लोबल कार्बन मार्केट्स से जुड़े प्रमुख सत्र भी लेंगी। इनमें यूरोपियन यूनियन एमिशन ट्रेडिंग सिस्टम,परफॉर्म,अचीव एंड ट्रेड, एनर्जी सेविंग सर्टिफिकेट्स, और कार्बन फ्यूचर्स जैसे कार्बन मार्केट से जुड़े विषय शामिल हैं।
इस पहल के महत्व पर बिमटेक की डायरेक्टर डॉ. प्रबीना राजिब ने कहा, “लो-कार्बन इकोनॉमी की ओर बढ़ना केवल पर्यावरण से जुड़ी जरूरत नहीं है, बल्कि इसका असर अब बिजनेस, फाइनेंस और जोखिम से जुड़े फैसलों पर भी पड़ रहा है। जैसे-जैसे कार्बन मार्केट विकसित हो रहे हैं, ऐसे प्रोफेशनल्स की जरूरत बढ़ रही है जो इन बाजारों के काम करने के तरीके और उनसे जुड़े अवसरों व जोखिमों को समझते हों।
Telescope Today | टेलीस्कोप टुडे Latest News & Information Portal