रामपुर : समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की कानूनी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दो पैन कार्ड (Two PAN Card Case) से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार और अभियोजन पक्ष की अपील को मंजूर करते हुए पिता-पुत्र दोनों की सजा को 3-3 साल के लिए और बढ़ा दिया है। अब दोनों को इस मामले में 7 साल की बजाय 10-10 साल की जेल काटनी होगी। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों पर लगाए गए आर्थिक दंड को भी 50 हजार से बढ़ाकर सीधे 5-5 लाख रुपये कर दिया है।जानिए क्या था दो पैन कार्ड का यह पूरा मामला और कब मिली थी सजायह पूरा विवाद अब्दुल्ला आजम के पास से दो अलग-अलग जन्मतिथियों और विवरणों वाले दो पैन कार्ड बरामद होने से जुड़ा है, जिसे लेकर धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में रामपुर की निचली मजिस्ट्रेट कोर्ट ने नवंबर 2025 में आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराते हुए 7-7 साल की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके बाद से ही पिता-पुत्र जेल में बंद हैं।निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ बचाव पक्ष ने जहां सजा माफी के लिए अपील की थी, वहीं अभियोजन पक्ष (सरकारी वकील) ने सजा को नाकाफी बताते हुए इसे बढ़ाने के लिए एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी। लंबी बहस और कानूनी नजीरों (रूलिंग्स) को देखने के बाद सेशन कोर्ट ने शनिवार को अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए आजम और उनके बेटे की सजा में इजाफा कर दिया।हेट स्पीच मामले में भी आजम खां को मिल चुकी है दो साल की कैदसजा बढ़ने का यह झटका आजम खां को ऐसे समय में लगा है, जब हाल ही में 16 मई को उन्हें एक और मामले में दोषी करार दिया गया था। साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान रामपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी (DM) को ‘तनखैया’ बोलते हुए उनसे जूते साफ कराने का विवादित बयान देने के मामले में अदालत ने आजम खां को दो साल कैद की सजा सुनाई थी। इस हेट स्पीच केस में उन पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।इस मामले की सुनवाई के दौरान आजम खां जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही से जुड़े थे। यह केस रामपुर के भोट थाना क्षेत्र में सपा-बसपा गठबंधन के चुनाव प्रचार के दौरान दर्ज किया गया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।चुनाव आयोग की सख्ती के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा, पुलिस ने दाखिल की थी चार्जशीटसाल 2019 में जब आजम खां का वह विवादित वीडियो वायरल हुआ, तो चुनाव आयोग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से तत्काल रिपोर्ट तलब की थी। इसके बाद चमरौआ विधानसभा क्षेत्र के एआरओ और टांडा के तत्कालीन एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी ने 11 मई 2019 को भोट थाने में आजम खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की गहन तफ्तीश और चार्जशीट दाखिल होने के बाद एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट शोभित बंसल की अदालत ने आजम खां को दोषी पाया था और दो साल की सजा सुनाई थी। अब दो पैन कार्ड केस में सजा बढ़कर 10 साल होने से आजम परिवार की राजनीतिक और कानूनी मुश्किलें और ज्यादा गहरी हो गई हैं।
Telescope Today | टेलीस्कोप टुडे Latest News & Information Portal