उदयपुर (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। तेज़ उत्पाद पहलों और निरंतर नेटवर्क विस्तार के बीच, स्कोडा ऑटो इंडिया ने स्कोडा की परफॉर्मेंस कहानी को मजबूती देने वाला अपना नवीनतम अभियान लॉन्च किया है। इस अभियान की शुरुआत एक रिकॉर्ड के साथ की गई है, जो उन कई पहलों में से एक है, जो यह साबित करती हैं कि ‘ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’ वास्तव में ‘ट्रैक पर स्कोडा’ है।
130 वर्षों की वैश्विक विरासत और मोटरस्पोर्ट में 125 वर्षों के समृद्ध इतिहास के साथ, स्कोडा ऑटो इस नए मानक स्थापित करने वाले ब्रांड अभियान के माध्यम से अपनी रेसिंग विरासत को और आगे बढ़ा रहा है। साथ ही, ब्रांड अपनी कारों में प्रतिष्ठित आरएस (रैली स्पोर्ट) बैज के आधी सदी से अधिक लंबे सफर का भी जश्न मना रहा है। ‘डिफरेंशिएशन’ की अपनी प्रमुख रणनीतिक सोच को और मजबूत करते हुए, यह नया अभियान स्कोडा ऑटो इंडिया की वाहन श्रृंखला की डायनेमिक क्षमताओं और सुरक्षा विशेषताओं को प्रमुखता से प्रस्तुत करता है।

इस अभियान के बारे में बात करते हुए, स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने कहा, “हर स्कोडा को परफॉर्मेंस के उच्चतम स्तर पर सटीकता, नियंत्रण और बेहतरीन डायनेमिक्स प्रदान करने के लिए इंजीनियर किया गया है। हमारे लिए मोटरस्पोर्ट डीएनए केवल एक पहचान नहीं है, बल्कि यह हमारी हर कार का स्वाभाविक हिस्सा है और हमारी पूरी वाहन श्रृंखला में मानक रूप से मौजूद है। यही विश्वास हमारे इस नए अभियान की नींव है, जिसमें हम ‘ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’ को एक नया अर्थ दे रहे हैं और इसका सीधा अर्थ है, ‘ट्रैक पर स्कोडा’।“
उन्होंने कहा, “यह अभियान परफॉर्मेंस को सभी के लिए सुलभ बनाने की हमारी रणनीति का स्वाभाविक विस्तार है। साथ ही, यह सुनिश्चित करता है कि हर सेगमेंट में हर स्कोडा बेहतरीन डायनेमिक क्षमता, सुरक्षा और आत्मविश्वास प्रदान करती है, जिन्हें वास्तविक ड्राइविंग अनुभव में सहज रूप से महसूस किया जा सकता है।“
उन्होंने कहा, “अपने मूल में, जी.ओ.ए.टी (G.O.A.T) उन विशिष्ट गुणों को दर्शाता है जो वास्तव में स्कोडा के ड्राइविंग अनुभव को परिभाषित करते हैं, जैसे स्टीयरिंग की सटीकता, चेसिस का संतुलन, ब्रेकिंग में भरोसा और चालक तथा मशीन के बीच गहरा जुड़ाव। ये ऐसी विशेषताएँ हैं, जिन्हें किसी स्पेसिफिकेशन शीट में पूरी तरह व्यक्त नहीं किया जा सकता, लेकिन जैसे ही आप स्टीयरिंग संभालते हैं, उनका अनुभव तुरंत महसूस किया जा सकता है।”
G.O.A.T अभियान की दमदार शुरुआत करने वाला रिकॉर्ड
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की देखरेख में, ब्रांड ने ‘एक सर्किट पर एक ही निर्माता की कारों द्वारा सबसे तेज मल्टी-कार रिले’ का रिकॉर्ड स्थापित किया। यह रिकॉर्ड कोयंबटूर ऑटोमोटिव स्पोर्ट्स एंड टेक्निकल ट्रेनिंग (कोएएसटीटी) ट्रैक पर बनाया गया, जहाँ स्कोडा ऑटो इंडिया की पाँच कारों के बेड़े ने 12:30.97 का समय दर्ज किया। पिट-लेन बदलावों सहित कुल समय के आधार पर, इस उपलब्धि ने स्कोडा ऑटो इंडिया को देश का सबसे तेज़ वाहन बेड़ा बना दिया है।
स्कोडा ऑटो इंडिया के इस बेड़े में काइलैक 1.0 एटी, कुशाक 1.5 डीएसजी, स्लाविया 1.5 डीएसजी, ऑक्टाविया आरएस और कोडियाक सिलेक्शन एलएंडके शामिल थे। पाँच ड्राइवर्स ने इन कारों को बिना किसी रुकावट के लगातार रिले प्रारूप में चलाया, जिसमें पिट-लेन बदलाव भी शामिल थे, और कुल 12:30.97 का समय दर्ज किया गया। इस रिले प्रारूप वाले रिकॉर्ड में यह बेहद महत्वपूर्ण था कि बेड़े की हर स्कोडा कार अपनी सर्वोच्च क्षमता पर प्रदर्शन करे, ताकि पूरी टीम तेज़ समय हासिल कर सके।
4 मीटर से कम लंबाई वाली काइलैक ने 2:31.6 का समय दर्ज किया, जबकि कुशाक एसयूवी और स्लाविया सेडान ने क्रमशः 2:29.7 और 2:27.63 का समय हासिल किया। अपनी शानदार लक्ज़री, सात सीटों और 4×4 क्षमताओं के साथ कोडियाक सिलेक्शन एलएंडके ने कोएएसटीटी सर्किट पर 2:26.34 का समय दर्ज किया। वहीं, स्कोडा ऑटो की प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स सेडान ऑक्टाविया आरएस ने 3.8 किमी लंबे सर्किट पर 2:10.85 का सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।
इस वाहन बेड़े ने ट्रैक पर अपनी शानदार डायनेमिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया। साथ ही इसकी फुर्ती, नियंत्रण क्षमता, बेहतरीन ब्रेकिंग और अन्य परफॉर्मेंस विशेषताओं ने यह साबित किया कि स्कोडा ऑटो इंडिया के ग्राहकों को सड़क पर बेहतर नियंत्रण और सुरक्षा का अनुभव मिलता है। भारत और वैश्विक स्तर पर विभिन्न परीक्षणों में पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो को मिले फाइव-स्टार सुरक्षा रेटिंग्स के साथ, यह रिकॉर्ड स्कोडा ऑटो इंडिया को देश के सबसे तेज़ और सबसे सुरक्षित वाहन बेड़े के रूप में स्थापित करता है।
स्कोडा ऑटो का मोटरस्पोर्ट डीएनए
सन् 1901 से मोटरस्पोर्ट स्कोडा ऑटो के डीएनए का अभिन्न हिस्सा रहा है। सन् वर्ष 1975 में स्कोडा 130 आरएस के साथ पहली बार आरएस बैज की शुरुआत ने इस विरासत को और मजबूत किया। इस कार ने 20वीं सदी के शुरुआती दौर की स्कोडा की रैली स्पोर्ट विरासत को दर्शाया। यही समृद्ध मोटरस्पोर्ट विरासत ब्रांड के भारतीय पोर्टफोलियो में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जहाँ टर्बो-चार्ज्ड इंजन, वास्तविक ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, बेहतरीन हैंडलिंग और आकर्षक डायनेमिक्स ड्राइविंग अनुभव को परिभाषित करते हैं। सब-4 मीटर काइलैक एसयूवी से लेकर स्लाविया सेडान, कुशाक मिड-साइज एसयूवी, कोडियाक लक्ज़री 4×4 और सीमित संख्या में उपलब्ध ऑक्टाविया आरएस तक, स्कोडा ऑटो इंडिया विभिन्न सेगमेंट्स में परफॉर्मेंस-केंद्रित इंजीनियरिंग प्रदान करता है।
अपने पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो में मौजूद यही परफॉर्मेंस-केंद्रित डीएनए स्कोडा ऑटो इंडिया को अपनी डायनेमिक क्षमताओं वाली कारों के बेड़े के साथ यह रिकॉर्ड स्थापित करने में सक्षम बनाता है। साथ ही, यही इस नए ब्रांड अभियान का मूल आधार भी है, जो यह साबित करता है कि ‘ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’ वास्तव में ‘ट्रैक पर स्कोडा’ है।
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