नई दिल्ली : कांग्रेस ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर भारतीय जनता पार्टी पर फॉर्म 7 का उपयोग कर मतदाता सूची से लोगों के नाम गलत तरीके से हटाने का आरोप लगाते हुए तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। पत्र में कहा गया है कि ज्यादातर दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को निशाना बनाया जा रहा है।कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त को आधिकारिक पत्र लिखकर कहा कि यह सब अभी चल रहे मतदाता सूची के विशेष सघन पुनर्रीक्षण (एसआईआर) के दौरान ‘दावे और आपत्तियां’ वाले समय में हो रहा है। ये काम 12 राज्यों में चल रहा है।वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग बड़े पैमाने पर पहले से छपे फॉर्म-7 भरकर बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) को दे रहे हैं। इन फॉर्मों में आपत्ति करने वाले का नाम, साइन, मोबाइल नंबर या ईपीआईसी नंबर तक साफ नहीं होता या पूरी तरह फर्जी होता है। जब ऐसे लोगों का पता लगाया गया तो कई ने साफ मना कर दिया कि उन्होंने कभी ऐसा फॉर्म नहीं भरा। कुछ तो भाजपा के बूथ लेवल एजेंट निकले, कुछ बिल्कुल अजनबी।उन्होंने कहा कि यह पैटर्न राजस्थान से शुरू हुआ और अब गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और केरल तक फैल गया है। असम में तो हालात और भी खराब बताए जा रहे हैं। अगर ये सब रुकवाया नहीं गया तो पिछड़े और हाशिए पर रहने वाले लाखों लोगों का वोट छिन जाएगा, जिससे भाजपा को फायदा होगा।वेणुगोपाल ने कहा कि आयोग को इस मामले पर तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। आयोग को मतदाता विलोपन प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए, फॉर्म-7 के इस्तेमाल पर स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए और अनुच्छेद 324 के तहत जांच शुरू करनी चाहिए। दोषियों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और सभी 12 राज्यों में फॉर्म-7 से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक किए जाने चाहिए।—————
Telescope Today | टेलीस्कोप टुडे Latest News & Information Portal