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सेठ आनंदराम जयपुरिया : रज़माताज़ महोत्सव ने दिया बदलाव और नई शुरुआत का संदेश

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल, शहीद पथ, लखनऊ में 11वें अंतर-विद्यालयीय महोत्सव ‘रज़माताज़ 2026: द टर्निंग पॉइंट’ का आयोजन किया गया। इसमें 16 विद्यालयों के 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य, नाट्य कला, चित्रकला, खेल, नवाचार और स्वास्थ्य एवं कल्याण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। तालवादक एवं संगीत शिक्षक श्री तन्मय मुखर्जी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। 

इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘द टर्निंग पॉइंट: एम्ब्रेसिंग चेंज एंड न्यू बिगिनिंग्स’ रही। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को बदलाव को स्वीकार करने, नए दृष्टिकोण अपनाने और अपने विचारों को रचनात्मक प्रयासों में बदलने के लिए प्रेरित किया गया। पिछले 11 वर्षों में रज़माताज़ विभिन्न विद्यालयों और आयु वर्गों के विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, विचार व्यक्त करने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से सीखने का अवसर देने वाला मंच बनकर उभरा है। 

महोत्सव की थीम विभिन्न गतिविधियों में भी दिखाई दी। Flowflip के माध्यम से स्वास्थ्य एवं कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया गया, जबकि Junkbot ने विद्यार्थियों को नवाचार और रचनात्मक सोच के जरिए भविष्य की संभावनाओं को तलाशने का अवसर दिया। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों को नए प्रयोग करने, मिलकर काम करने और समस्याओं को नए दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रोत्साहित किया। 

मुख्य अतिथि तन्मय मुखर्जी ने संगीत और रचनात्मकता के क्षेत्र में अपने अनुभवों से विद्यार्थियों को प्रेरित किया। कोविड महामारी के दौरान उन्होंने अनुपयोगी डिब्बों और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली घरेलू सामग्रियों के माध्यम से बच्चों को तालवाद्य सिखाने की पहल की। इस पहल के माध्यम से उन्होंने लगभग 1,500 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया। उनका यह प्रयास दर्शाता है कि रचनात्मकता, प्रयोग और संसाधनों के बेहतर उपयोग से सीखने के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। 

महोत्सव के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्या पूनम कोच्चिटी ने कहा, “शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को वास्तविक दुनिया के लिए तैयार करना है और इसी सोच के साथ हमने रज़माताज़ की शुरुआत की। एक समर्पित अंतर-विद्यालयीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में शुरू हुआ यह आयोजन आज ऐसे क्षेत्रीय मंच के रूप में विकसित हो चुका है। जहाँ विद्यार्थी अपनी बात रखना और अपने विचार व्यक्त करना सीखते हैं। इस 11वें संस्करण की थीम विद्यार्थियों को नए विचारों को अपनाने, परंपरागत सोच से आगे बढ़ने और यह समझने के लिए प्रेरित करती है कि एक छोटा-सा निर्णय भी सार्थक बदलाव की शुरुआत बन सकता है। रज़माताज़ विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, दूसरों से सीखने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से आत्मविश्वास विकसित करने का अवसर देता है।” 

रज़माताज़ विद्यालय की उस शैक्षणिक सोच को दर्शाता है, जिसमें अकादमिक उपलब्धियों के साथ विद्यार्थियों का आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सर्वांगीण विकास भी महत्वपूर्ण है। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को एक साझा मंच पर लाकर इस महोत्सव ने आपसी संवाद, सहयोग और अनुभवों से सीखने के अवसर उपलब्ध कराए। 

एजुकेशनवर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग्स 2026-27 में उत्तर प्रदेश और लखनऊ में प्रथम स्थान प्राप्त करने तथा T4 Education के वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज़ेज़ 2026 में विश्व के शीर्ष 10 विद्यालयों में शामिल होने के लिए शॉर्टलिस्ट किए जाने के साथ, सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल अकादमिक उत्कृष्टता को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालय को Supporting Healthy Lives श्रेणी में उसकी छात्र-संचालित पहल Project Alchemy के लिए वैश्विक पहचान मिली। यह पहल विद्यार्थियों के कल्याण, सक्रिय भागीदारी और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता को बढ़ावा देती है। 

रज़माताज़ 2026 का समापन विद्यार्थियों की प्रतिभा, टीम भावना और कक्षा से परे सीखने के महत्व को रेखांकित करते हुए हुआ। महोत्सव ने इस विचार को मजबूत किया कि विद्यार्थियों को अपनी क्षमताएँ पहचानने, नए विचारों को अपनाने और उन्हें कार्यरूप देने के अवसर मिलना उनके शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण है।