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हॉस्पिटैलिटी कारोबार में उतरी ओमैक्स, उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में बनाएगी 19 होटल

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। देश की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी ओमैक्स लिमिटेड ने हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में प्रवेश की घोषणा की है। कंपनी अगले 4-5 वर्षों में लगभग 6,200 करोड़ रुपये के निवेश से पांच राज्यों में 19 होटल विकसित करेगी। इन परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल करीब 50 लाख वर्ग फुट होगा। कंपनी के अनुसार, इस निवेश का उपयोग तेजी से विकसित हो रहे शहरों, प्रमुख तीर्थस्थलों और महत्वपूर्ण यात्रा मार्गों पर हॉस्पिटैलिटी परियोजनाएं विकसित करने के लिए किया जाएगा।

कंपनी इन हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं को अपनी मौजूदा टाउनशिप, मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड-यूज) परियोजनाओं, व्यावसायिक परिसरों और शहरी अवसंरचना परियोजनाओं के साथ जोड़ेगी। प्रस्तावित 19 होटलों में से 12 उत्तर प्रदेश में बनाए जाएंगे। इनमें अयोध्या में दो, लखनऊ में तीन, प्रयागराज, गाजियाबाद और गोरखपुर में एक-एक, कौशांबी में दो तथा वृंदावन में दो होटल शामिल हैं। इसके अलावा नई दिल्ली, फरीदाबाद और उज्जैन में एक-एक होटल विकसित किया जाएगा। वहीं चंडीगढ़, अमृतसर और लुधियाना में कुल चार होटल बनाए जाएंगे, जिनमें चंडीगढ़ में दो होटल शामिल होंगे। इस तरह अगले 4-5 वर्षों में ओमैक्स की मौजूदगी पांच राज्यों के 13 शहरों तक पहुंच जाएगी।

कंपनी की प्रमुख परियोजनाओं में नई दिल्ली के द्वारका स्थित ‘द ओमैक्स स्टेट’ में आईएचसीएल (आईएचसीएल) के ‘गेटवे’ ब्रांड का 158 कमरों वाला होटल भी शामिल है। 50.4 एकड़ में फैली यह एकीकृत परियोजना दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के साथ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित की जा रही है।

इसके अलावा, ओमैक्स उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के साथ अपनी पीपीपी परियोजनाओं के तहत यात्रा मार्गों (ट्रांजिट) पर आधारित हॉस्पिटैलिटी अवसंरचना भी विकसित करेगा। कंपनी का कहना है कि इस विस्तार से उसकी मौजूदा परियोजनाओं को बेहतर सहयोग मिलेगा और नियमित आय के स्रोत भी और मजबूत होंगे।

ओमैक्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मोहित गोयल ने कहा, “हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में विस्तार हमारी एकीकृत विकास रणनीति का स्वाभाविक हिस्सा है। बेहतर होती कनेक्टिविटी, धार्मिक पर्यटन में बढ़ोतरी और उभरते शहरों में यात्रा की बढ़ती मांग को देखते हुए इन स्थानों पर गुणवत्तापूर्ण हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं की आवश्यकता है। इस विस्तार के जरिए हमारा लक्ष्य ऐसे अच्छी जगहों पर स्थित होटल और हॉस्पिटैलिटी केंद्र विकसित करना है, जो हमारी मौजूदा परियोजनाओं के पूरक बनें, नियमित आय को मजबूत करें और जिन शहरों में हम काम कर रहे हैं वहां आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दें।”

कंपनी का यह हॉस्पिटैलिटी पोर्टफोलियो व्यावसायिक यात्राओं, अवकाश पर्यटन, डेस्टिनेशन वेडिंग, एमआईसीई (बैठकें, प्रोत्साहन यात्राएं, सम्मेलन और प्रदर्शनियां) तथा धार्मिक पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करेगा। इसके तहत मिड-स्केल और अपस्केल ब्रांडेड होटल, लग्जरी और प्रीमियम होटल, अधिक क्षमता वाले तीर्थस्थल होटल, ब्रांडेड सर्विस्ड अपार्टमेंट और लंबे समय तक ठहरने के लिए स्टूडियो आवास (एक्सटेंडेड-स्टे स्टूडियो) विकसित किए जाएंगे। प्रत्येक परियोजना को संबंधित शहर की पर्यटन क्षमता और स्थानीय मांग के अनुसार तैयार किया जाएगा।

कंपनी अगले 4-5 वर्षों में इस निवेश को चरणबद्ध तरीके से करेगी। सभी परियोजनाएं पूरी तरह संचालित होने के बाद हॉस्पिटैलिटी कारोबार से करीब 1,000 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व मिलने की उम्मीद है। यह अनुमान परिचालन के शुरुआती पांच वर्षों के औसत प्रदर्शन के आधार पर लगाया गया है।

ओमैक्स ने बताया कि फिलहाल वह देश और विदेश की प्रमुख हॉस्पिटैलिटी कंपनियों के साथ ब्रांडिंग और होटल प्रबंधन को लेकर उन्नत स्तर की बातचीत कर रही है। अंतिम समझौते होने के बाद इन साझेदारियों की औपचारिक घोषणा की जाएगी।