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ड्रोन तकनीक से लेकर उन्नत किस्मों तक, किसानों को दी गई आधुनिक खेती की जानकारी

हरदोई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। गन्ना किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से हरदोई के सवायजपुर में “गन्ना: चुनौतियाँ एवं भविष्य की दिशा” विषय पर किसान सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम को धानुका एग्रीटेक लिमिटेड के चेयरमैन एमेरिटस डॉ. आर. जी. अग्रवाल का सहयोग प्राप्त था तथा इसका आयोजन सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा किया गया। सम्मेलन में लगभग 400 गन्ना किसानों के साथ कृषि वैज्ञानिकों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSAUAT) तथा भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (IISR), लखनऊ के विशेषज्ञों ने भाग लिया।

इस सम्मेलन का उद्देश्य गन्ना किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों के समाधान पर चर्चा करना और उन्हें आधुनिक खेती की बेहतर तकनीकों से अवगत कराना था। कार्यक्रम के दौरान किसानों को पैदावार बढ़ाने, गन्ने की गुणवत्ता सुधारने तथा खेती की लागत कम कर अधिक लाभ प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी गई।

यह पहल पिछले पेराई सत्र के दौरान किसानों के सामने आई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए की गई। पिछले पेराई सत्र में गन्ने का चीनी परता (Sugar Recovery) अपेक्षा से कम रहा और कई चीनी मिलें निर्धारित समय से पहले ही बंद हो गईं, जिससे किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। ऐसी परिस्थितियों में वैज्ञानिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की गई। इसी उद्देश्य से नई फसल की तैयारी शुरू होने से पहले किसानों तक उपयोगी और व्यावहारिक जानकारी पहुँचाने के लिए इस सम्मेलन का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने गन्ना खेती के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। इसमें बेहतर गन्ना प्रजातियों का चयन, वैज्ञानिक बुवाई तकनीक, खाद और पानी का सही प्रबंधन, कीटों और बीमारियों से फसल की सुरक्षा, गन्ने की गुणवत्ता सुधारने के उपाय तथा सही समय पर कटाई जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे। किसानों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और अपनी खेती से जुड़ी समस्याओं के समाधान प्राप्त करने का अवसर भी मिला।

डॉ. आर. जी. अग्रवाल (चेयरमैन एमेरिटस, धानुका एग्रीटेक लिमिटेड) ने कहा, “भारतीय कृषि में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है जब किसान विज्ञान के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें। मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए जैविक पदार्थों का उपयोग, पानी के संरक्षण के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को अपनाना, उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का चयन तथा फसल विविधीकरण समृद्ध खेती के प्रमुख आधार हैं। विशेष रूप से गन्ने जैसी अधिक पानी वाली फसलों में ड्रिप सिंचाई और आधुनिक जैविक तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण कर सकते हैं तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।”

विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, “हमारे क्षेत्र की मिट्टी अत्यंत उपजाऊ है, लेकिन किसानों की वास्तविक समृद्धि तभी संभव है जब वे आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक सलाह और उच्च गुणवत्ता वाले कृषि आदानों को अपनाएं। गन्ना किसानों की आय बढ़ाने वाली सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसल है। यदि किसान नई उन्नत किस्मों, सही प्रबंधन और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएं, तो वे उत्पादन बढ़ाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। हमारे वैज्ञानिक, कृषि विभाग, चीनी मिल और किसान यदि मिलकर कार्य करें, तो गन्ना उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक ले जाकर किसानों के जीवन में वास्तविक खुशहाली लाई जा सकती है।”

इस पहल के अंतर्गत आयोजकों ने भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (IISR), लखनऊ से अनुरोध किया है कि वह गन्ना खेती की सर्वोत्तम तकनीकों को बुवाई से लेकर कटाई तक सरल भाषा में समझाने वाला एक शैक्षिक वीडियो तैयार करे। धानुका एग्रीटेक लिमिटेड इस वीडियो के निर्माण तथा किसानों के बीच शैक्षिक एवं जागरूकता सामग्री के प्रसार में सहयोग प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य ऐसी उपयोगी जानकारी किसानों तक पहुँचाना है, जिससे वे लंबे समय तक लाभ उठा सकें और अपनी खेती को अधिक लाभदायक बना सकें।