लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। ICAI की मेंबर्स इन इंडस्ट्री एंड बिजनेस कमेटी द्वारा “सीएफओ फोरम एलिवेट 2.0” का आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFOs), उद्योग जगत के अग्रणी प्रतिनिधि, उद्यमी, नीति-निर्माता एवं वित्तीय क्षेत्र के वरिष्ठ पेशेवरों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में बतौर विशेष मुख्य वक्ता विजय किरण आनंद, (सचिव, अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास विभाग तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी, इन्वेस्ट यूपी) उपस्थित रहे। उन्होंने उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के व्यापक दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया तथा बताया कि अवसंरचना विकास, औद्योगिक विस्तार, व्यवसाय सुगमता, डिजिटल प्रशासन एवं निवेश संवर्धन राज्य की आर्थिक प्रगति के प्रमुख आधार स्तंभ हैं।
श्री आनंद ने राज्य सरकार के विकासात्मक विज़न को साकार करने में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की महत्वपूर्ण भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि वित्तीय पारदर्शिता, सुशासन एवं व्यवसायिक दक्षता को बढ़ावा देने में यह पेशा एक महत्वपूर्ण भागीदार है।
उन्होंने कहा कि पेशेवरों, उद्यमियों, वित्तीय नेतृत्वकर्ताओं एवं नीति-निर्माताओं को सुशासन को सुदृढ़ करने, निवेश को प्रोत्साहित करने तथा सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पारदर्शिता, नवाचार एवं प्रभावी वित्तीय नेतृत्व उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी आर्थिक शक्तियों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस फोरम का आयोजन सीए अनुज गोयल (अध्यक्ष, MIBC, ICAI) तथा सीए अंकुर गोयल (अध्यक्ष, सीआईआरसी, ICAI) के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में सीए अश्वनी जायसवाल (अध्यक्ष, ICAI लखनऊ शाखा) तथा सीए आशीष गुप्ता (सचिव, ICAI लखनऊ शाखा) की भी विशेष उपस्थिति रही।
उद्घाटन सत्र में CFOs, वरिष्ठ वित्तीय अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, उद्योग एवं व्यवसाय में कार्यरत चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, उद्यमियों एवं अन्य पेशेवरों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह मंच वित्त, सुशासन, प्रौद्योगिकी, व्यावसायिक रणनीति एवं आर्थिक विकास से जुड़े उभरते विषयों पर विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध हुआ।
दो उच्चस्तरीय पैनल चर्चाओं में देश के प्रतिष्ठित CFOs, वित्तीय नेतृत्वकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों एवं व्यवसायिक पेशेवरों ने भाग लिया। इन चर्चाओं में वित्तीय नेतृत्व की बदलती भूमिका, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, तकनीकी परिवर्तन, निवेश रणनीतियों तथा व्यवसायिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सारगर्भित विचार साझा किए गए।
इस अवसर पर आयोजकों ने कहा कि आज के समय में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका केवल वित्तीय रिपोर्टिंग एवं अनुपालन तक सीमित नहीं है। एक विश्वसनीय सलाहकार एवं रणनीतिक नेतृत्वकर्ता के रूप में वे व्यवसायिक परिवर्तन, उत्कृष्ट सुशासन, निवेश संवर्धन तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
कार्यक्रम ने यह पुनः सिद्ध किया कि वित्तीय नेतृत्व, प्रभावी शासन एवं पेशेवर उत्कृष्टता के माध्यम से चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उत्तर प्रदेश तथा भारत की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भागीदार हैं।
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