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आँखों पर पट्टी बांधकर अभिनय करना सबसे बड़ी चुनौती : विवाना सिंह

मुंबई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। सोनी सब दर्शकों के लिए लेकर आ रहा है एक भव्य पौराणिक गाथा हस्तिनापुर के वीर, जो पांडवों और कौरवों के शुरुआती वर्षों को प्रदर्शित करेगा। यह शो उनके रिश्तों, भावनाओं और उन फैसलों की कहानी है, जिन्होंने हस्तिनापुर के भविष्य को आकार दिया। शो का प्रीमियर 2 जून को रात 9 बजे सोनी सब पर होगा। कहानी में भावनात्मक गहराई और शांत शक्ति जोड़ रही हैं अभिनेत्री विवाना सिंह, जो गांधारी का दमदार किरदार निभा रही हैं, एक ऐसी रानी, जिन्हें त्याग, धैर्य और अटूट समर्पण के लिए याद किया जाता है।

गांधारी का किरदार निभाना विवाना के लिए भावनात्मक और शारीरिक चुनौतियों से भरा रहा, खासकर उस किरदार की पहचान बन चुकी पट्टी (ब्लाइंडफोल्ड) की वजह से, जो उनके जीवनभर के व्रत और आंतरिक शक्ति का प्रतीक है। विवाना के लिए आँखों पर पट्टी बांधकर अभिनय करना सिर्फ दृष्टि को सीमित करना ही नहीं था, बल्कि भावनाओं को आवाज़ और बॉडी लैंग्वेज के ज़रिए नए तरीके से व्यक्त करना भी था।

अपना अनुभव साझा करते हुए, विवाना सिंह ने कहा, “गांधारी का किरदार निभाना मेरे लिए सबसे गहन और बदल देने वाला अनुभव रहा है। सबसे बड़ी चुनौती लंबे समय तक आँखों पर पट्टी बाँधकर अभिनय करना है, क्योंकि हम अभिनेता स्वाभाविक रूप से आँखों के संपर्क और विज़ुअल रिएक्शन पर बहुत निर्भर रहते हैं। गांधारी के साथ मुझे उस आदत को पूरी तरह छोड़ना पड़ा। मैंने समय लगाया यह समझने में कि बिना दृष्टि वाला व्यक्ति स्पेस, भावनाओं और रिश्तों को कैसे महसूस करता है।”

उन्होंने कहा, “तैयारी के दौरान मैंने आँखों पर पट्टी बाँधकर चलने, रिएक्ट करने और सीन करने की प्रैक्टिस की, ताकि मैं उस स्थिति में सहज और स्वाभाविक हो सकूँ। धीरे-धीरे मैंने ठहराव, आवाज़ के उतार-चढ़ाव और शारीरिक स्थिरता के ज़रिए भावनाओं को व्यक्त करना सीखा। गांधारी अपने भीतर अपार भावनात्मक भार रखती हैं और उस शक्ति को पर्दे पर उतारना मेरे लिए चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ बेहद संतोषजनक भी है।”