नई दिल्ली : केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को आवास से जुडे़ फाइनेंस के बदलते परिदृश्य को लेकर आयोजित सम्मेलन में कहा कि देश में तेजी से बढ़ती शहरी आबादी को देखते हुए किफायती आवास की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके लिए एक राष्ट्रीय आवास विनिमय जैसी व्यवस्था बनाई जाएगी, जिसमें देशभर में उपलब्ध आवासों का व्यापक डेटा हो। इससे लोगों को अपने कार्यस्थल के पास उपयुक्त घर चुनने और संपत्ति विनिमय की सुविधा मिलेगी, जिससे यात्रा समय कम होगा और जीवन अधिक सुविधाजनक बनेगा।मनोहर लाल आज यहां भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘इवॉल्विंग लैंडस्केप ऑफ हाउसिंग फाइनेंस’ में शामिल हुए। यह दो दिवसीय सम्मेलन 12 और 13 फरवरी को राष्ट्रीय आवास बैंक और एशिया पैसिफिक यूनियन फॉर हाउसिंग फाइनेंस (एपीयूएचएफ) द्वारा आयोजित किया गया। सम्मेलन में भारत सरकार, संस्थानों, विभिन्न देशों के विशेषज्ञों, निजी इक्विटी के लोगों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।कार्यक्रम में मनोहर लाल ने एक संयुक्त अध्ययन का जिक्र किया, जिसे नीति आयोग और उनके मंत्रालय ने मिलकर किया था। इसमें अनुमान लगाया गया कि भारत की शहरी आबादी साल 2021 में 500 मिलियन थी और साल 2050 तक यह 850 मिलियन से अधिक हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस जनसांख्यिकीय बदलाव से देशभर में किफायती आवास की मांग में भारी वृद्धि होगी।मनोहर लाल ने कार्यक्रम में आवागमन से जुड़ा विकास (टीओडी) मॉडल के जरिए मजबूत शहरी संरचना विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परिवहन से जुड़ी आवासीय योजनाएं भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगी। साथ ही उन्होंने बैंकों, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और राष्ट्रीय आवास बैंक से आवास स्टॉक बढ़ाने के लिए अधिक ऋण सहयोग देने की अपील की।
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