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ट्रूकॉलर कम्युनिटी ने 2025 में लगभग 1,200 करोड़ अनचाही कॉल्स को रोका

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। ट्रूकॉलर की 2025 इंडिया इनसाइट्स रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वर्ष 2025 के दौरान 4,168 करोड़ से अधिक स्पैम कॉल की पहचान की गई। जिनमें से 1,189 करोड़ अनचाही कॉल उपयोगकर्ताओं तक पहुँचने से पहले ही ब्लॉक कर दी गईं। इससे लाखों लोगों को ठगी, मानसिक तनाव और समय की बर्बादी से बचाया जा सका। रिपोर्ट बताती है कि 770 करोड़ से अधिक फर्जी कॉल ऐसे थे जो बैंक, सरकारी विभागों और प्रसिद्ध ब्रांड्स की नकल कर किए गए।

वर्ष 2025 में 12,903 करोड़ से अधिक स्पैम एसएमएस की पहचान की गई, जिनकी संख्या वर्ष की दूसरी छमाही में तेजी से बढ़ी। जब असली और फर्जी संदेश एक ही डिजिटल माध्यम में मौजूद होते हैं, तो उपयोगकर्ताओं को अधिक सतर्क और समझदारी से निर्णय लेना पड़ता है।

ट्रूकॉलर के सीईओ रिशित झुनझुनवाला ने कहा कि भरोसा आज भारत की सबसे मूल्यवान डिजिटल संपत्ति बन गया है। धोखाधड़ी केवल तकनीकी समस्या नहीं बल्कि मानवीय समस्या भी है, जो डर और जल्दबाज़ी का फायदा उठाती है। ट्रूकॉलर का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित रखते हुए जुड़े रहने में मदद करना है।

रिपोर्ट के अनुसार, औसतन एक स्पैम कॉल 1.8 मिनट की होती है। इस आधार पर अनुमान है कि ट्रूकॉलर के कारण भारतीय उपयोगकर्ताओं ने प्रतिदिन लगभग 21.7 लाख घंटे और हर सप्ताह 1.5 करोड़ घंटे से अधिक समय की बचत की। यह समय बचत न केवल सुविधा देती है बल्कि आर्थिक नुकसान से भी बचाव करती है।

रिपोर्ट आने वाले समय में एआई आधारित वॉइस स्कैम, पहचान सत्यापन के नाम पर ठगी और बहु-स्तरीय धोखाधड़ी के बढ़ने की चेतावनी देती है। ट्रूकॉलर ने उपयोगकर्ताओं से सतर्क रहने, संवेदनशील जानकारी साझा न करने और भरोसेमंद पहचान तकनीक का उपयोग करने की अपील की।