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सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ नर्मदेश ब्रास का आईपीओ, 15 जनवरी तक लगा सकते हैं बोली

नई दिल्ली : ब्रास मैन्युफैक्चरिंग कंपनी नर्मदेश ब्रास इंडस्ट्रीज का 44.87 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 15 जनवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 16 जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 19 जनवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 20 जनवरी को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 515 रुपये प्रति शेयर का मूल्य तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 240 शेयर का है। नर्मदेश ब्रास इंडस्ट्रीज के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 480 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,47,200 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 8,71,200 शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 34 करोड़ रुपये के 6,55,200 नए शेयर और नौ करोड़ रुपये के 1,70,400 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.38 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए भी 47.38 प्रतिशत हिस्सा और मार्केट मेकर्स के लिए 5.24 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए आर्यमन फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं जेएंडके सिक्योरिटीज एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार-चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 89 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 7.10 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का शुद्ध लाभ घट कर 5.72 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की अवधि में कंपनी को 4.01 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 60.09 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 79.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 88.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की अवधि में कंपनी को 34.21 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में लगातार बढ़ोतरी होती गई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 5.94 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 22.43 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 24.73 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। हालांकि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी सितंबर 2025 के अंत तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ घट कर 19.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 6.97 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 12.69 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये उछल कर 23.30 करोड़ रुपये के स्तर पर था।इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 2.13 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 11.41 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए कम होकर 9.34 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी 30 सितंबर 2025 तक ये 6.24 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।—————