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नौटंकी मंचन में जीवंत हुई वीर अमर सिंह राठौर की अमर गाथा

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। नीलाक्षी लोक कला कल्याण समिति द्वारा संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से गोमतीनगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में पारंपरिक नौटंकी अमर सिंह राठौर का प्रभावशाली मंचन किया गया। लोकनाट्य, संगीत और अभिनय से सजी इस प्रस्तुति ने नौटंकी की समृद्ध परंपरा और लोकस्मृति को सजीव रूप में दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कुमाऊँ कोकिला विमल पंत, राज्य ललित कला अकादमी के पूर्व सभापति सीताराम कश्यप, डॉ. स्मिता मिश्रा, भूपेन्द्र अस्थाना, डॉ. कुसुम वर्मा एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

प्रस्तुति में रंगा की भूमिका मोहम्मद सलीम (शहज़ादा), शेख सलावत खान की भूमिका सलमान, अमर सिंह की भूमिका राम नरेश, नरसह बाज पठान की भूमिका सहवान, हाथी शनी की भूमिका श्यामा सता, राम सिंह की भूमिका राम सरन, अर्जुन गौड़ की भूमिका अर्जुन, नवी रसूल की भूमिका मोहम्मद सुहैल, बेगम की भूमिका किरन तथा दरवारी की भूमिका कलीम ने निभाई। संगीत में हारमोनियम पर राम चंद्र, नक्कारा पर सतनाम तथा ढोलक पर गुलाम वारिश ने संगत दी। वेशभूषा राम सिंह तथा मुख सज्जा विनीता यादव ने की।

इस अवसर पर अवधी विद्वान डॉ. राम बहादुर मिसिर, प्रदीप मित्रा, मधुलिका श्रीवास्तव, जीतेश श्रीवास्तव, मनीषा श्रीवास्तव, पावक नारायण, प्रतीक नारायण, डा.एस.के. गोपाल, लोक संस्कृति शोध संस्थान की सचिव डा. सुधा द्विवेदी, अर्चना गुप्ता सहित साहित्यकार, कलाकार, संस्कृति प्रेमी एवं दर्शक उपस्थित रहे। आयोजक संस्था की अध्यक्ष नीलम वर्मा एवं राजनारायण ने अतिथियों का स्वागत तथा कलाकारों को स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। संचालन राजेन्द्र विश्वकर्मा ने किया।