हैदराबाद (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। जब गुवाहाटी में कोई Bolt.Earth चार्जर बंद हो जाता है या पुणे के किसी अपार्टमेंट परिसर में चार्जिंग कनेक्टर खराब हो जाता है, तो उसे ठीक करने के लिए किसी को मौके पर पहुंचना पड़ता है—अक्सर कुछ ही घंटों के भीतर, भीषण गर्मी, ट्रैफिक या बारिश के बावजूद। यह जिम्मेदारी Bolt.Earth के 5,000 से अधिक प्रमाणित तकनीशियनों की है, जो पूरे भारत में तैनात हैं। यह कार्यबल कंपनी की विकास यात्रा में चार्जिंग स्टेशनों जितना ही महत्वपूर्ण बन चुका है। पर्दे के पीछे चुपचाप काम करने वाले यही पेशेवर हर दिन ईवी चालकों को भरोसे के साथ चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराते हैं।
पिछले महीने Bolt.Earth ने पहली बार अपने रिवॉर्ड्स एंड रिकग्निशन (Rewards & Recognition) कार्यक्रम के माध्यम से इन अनदेखे नायकों को सम्मानित किया। कंपनी ने उन तकनीशियनों को सम्मान दिया, जो समय पर पहुंचकर खराब चार्जरों की मरम्मत करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि जरूरत पड़ने पर चार्जर पूरी तरह कार्यरत रहे। भले ही यह काम दिखने में आकर्षक न हो, लेकिन यही वह प्रयास है जो किसी चार्जिंग नेटवर्क को केवल कागजों तक सीमित रहने के बजाय लोगों का भरोसेमंद नेटवर्क बनाता है।

इस वर्ष के कार्यक्रम में 17 राज्यों के 17 तकनीशियनों को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। इनमें आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के तकनीशियन शामिल थे।
यह कार्यक्रम Bolt.Earth के नेटवर्क में रोजगार सृजन के बढ़ते दायरे को भी दर्शाता है। कंपनी के तकनीशियनों की संख्या वर्ष 2024 में 800 से बढ़कर 2026 में 5,000 से अधिक प्रमाणित तकनीशियनों तक पहुंच गई है। यानी कंपनी का तकनीकी नेटवर्क छह गुना से अधिक बढ़ा है, जो भारत के ईवी चार्जिंग क्षेत्र में सबसे बड़े कुशल रोजगार नेटवर्कों में से एक है। ये रोजगार महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों तक फैले हुए हैं, जहां औपचारिक तकनीकी रोजगार के अवसर अब भी सीमित हैं।
Bolt.Earth के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मोहित यादव ने कहा, “हर वह चार्जिंग पॉइंट जो लगातार चालू रहता है, उसके पीछे किसी तकनीशियन की मेहनत होती है। चार्जर केवल इंस्टॉल कर देना पर्याप्त नहीं है, जरूरत के समय उसका सुचारु रूप से काम करना सबसे महत्वपूर्ण है। हम जहां भी नया चार्जर स्थापित करते हैं, वहां एक नया कुशल रोजगार भी पैदा करते हैं। हमारे लिए कुशल कार्यबल तैयार करना, चार्जिंग नेटवर्क विकसित करने जितना ही महत्वपूर्ण रहा है।”

सम्मानित तकनीशियनों में महाराष्ट्र के अब्दुल मोइन भी शामिल थे, जो पिछले दो वर्षों से Bolt.Earth के साथ मिलकर थ्री-व्हीलर ईवी चार्जरों की स्थापना का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने 500 से अधिक फील्ड तकनीशियनों की टीम तैयार की है, जो आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में सेवाएं दे रही है।
अब्दुल मोइन ने कहा, “Bolt.Earth का सहयोग मेरे और मेरी टीम के लिए बेहद प्रेरणादायक रहा है। यदि हमें फील्ड में किसी तरह की समस्या आती है, तो उसका समाधान तुरंत मिल जाता है। मेरी टीम और मैं हर महीने करीब 3,000 चार्जर स्थापित करते हैं। यह इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और बढ़ती मांग को दर्शाता है। लोग अक्सर मुझसे पूछते हैं कि क्या ईवी खरीदना सही फैसला है। मैं उन्हें बताता हूं कि यह अधिक स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है, और जब वे स्वयं इसकी बचत देखते हैं, तो उनकी सोच बदल जाती है।”
Bolt.Earth के लिए तकनीशियनों को सम्मानित करना केवल एक औपचारिक पहल नहीं, बल्कि कंपनी की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जैसे-जैसे भारत का ईवी चार्जिंग नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है, उसकी विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। कंपनी का मानना है कि जब भी कोई चार्जर खराब हो, उसे तुरंत ठीक करने के लिए प्रशिक्षित तकनीशियन का उपलब्ध होना ही मजबूत और भरोसेमंद चार्जिंग नेटवर्क की सबसे बड़ी ताकत है।
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