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स्वच्छता और जनभागीदारी से संचारी रोगों पर लगेगी रोक : ब्रजेश पाठक

RML आयुर्विज्ञान संस्थान से संचारी रोग नियंत्रण अभियान का आगाज, घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। प्रदेश में संचारी रोगों की रोकथाम, नियंत्रण और जन-जागरूकता को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का गुरुवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान से शुभारंभ हुआ। उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जन-जागरूकता रैली के साथ स्वच्छता एवं फॉगिंग वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और स्वयं रैली में शामिल होकर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया।

प्रदेश के सभी 75 जिलों में 01 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जाएगा। जबकि 12 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक ‘दस्तक अभियान’ के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचेंगी। टीमें लोगों को संचारी रोगों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के साथ ही रोगों के लक्षणों और संभावित मामलों की जानकारी भी जुटाएंगी।

अभियान के शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहाकि उत्तर प्रदेश में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए वर्ष 2017 से व्यापक और समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचारी रोगों के नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की गई, जिसके परिणामस्वरूप जापानी इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया और काला ज्वर जैसी बीमारियों की रोकथाम की दिशा में लगातार काम हुआ है।

उन्होंने कहा कि पूर्वांचल, विशेष रूप से गोरखपुर और आसपास के जिलों में इंसेफेलाइटिस लंबे समय तक बड़ी चुनौती रहा है। लगातार चलाए गए अभियान और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से जापानी इंसेफेलाइटिस के मामलों तथा इससे होने वाली मौतों में कमी लाने में सफलता मिली है। इसी प्रकार मलेरिया, डेंगू और काला ज्वर के नियंत्रण के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम अब केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग को नोडल एजेंसी बनाकर नगर विकास, ग्रामीण विकास, पंचायती राज सहित विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर स्वच्छता, जलभराव की रोकथाम, फॉगिंग, जन-जागरूकता और अन्य आवश्यक उपायों को जमीन पर लागू कर रहे हैं।

घर-घर पहुंचेगा ‘दस्तक अभियान’

डिप्टी सीएम ने कहा कि वर्तमान अभियान करीब एक महीने तक चलेगा। पहले चरण में व्यापक जन-जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है और 12 अक्टूबर से ‘दस्तक अभियान’ के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचेंगी। उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। केवल स्वास्थ्य विभाग अथवा विभिन्न सरकारी विभागों के प्रयास से संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है, इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि घर और आसपास पानी जमा न होने दें। टूटे बर्तन, पुराने टायर, खिलौने, कूलर और अन्य ऐसे स्थानों पर विशेष ध्यान दें, जहां पानी जमा हो सकता है। उन्होंने कहा कि मच्छरों के पनपने के स्थानों को खत्म करना ही मच्छर जनित रोगों की रोकथाम का महत्वपूर्ण उपाय है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में भी पनप सकता है और दिन में काटता है, इसलिए घर और आसपास साफ-सफाई रखने के साथ पानी जमा होने से रोकना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से स्वच्छ पेयजल का सेवन करने और स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील की।

स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर

ब्रजेश पाठक ने युवाओं और बच्चों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संतुलित खान-पान, नियमित व्यायाम और साफ-सफाई को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। बच्चों में बचपन से ही स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतें विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ व्यवहार अपनाना है, संचारी रोगों को हराना है।” स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर, अपने आसपास का वातावरण साफ रखकर और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करके संचारी रोगों के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। सजग नागरिक, स्वस्थ परिवार और सुरक्षित प्रदेश के संकल्प के साथ सामूहिक प्रयासों से डेंगू, मलेरिया और अन्य संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वी. हेकाली झिमोमी, महानिदेशक, परिवार कल्याण डॉ. पवन कुमार अरुण, अपर निदेशक, चिकित्सा शिक्षा नीलम, निदेशक डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान डॉ. सी.एम. सिंह, विशेष सचिव धीरेंद्र सिंह सचान, विशेष सचिव करुणेश, निदेशक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान डॉ. रेखा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखनऊ डॉ. एनबी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. रविंद्र सिंह, डॉ. भुवन सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।