जयंती (22 अगस्त) पर स्मरण (डॉ. एस.के. गोपाल) हिंदी साहित्य में हरिशंकर परसाई उस व्यंग्यकार के रूप में याद किए जाते हैं जिन्होंने हंसी को सामाजिक चेतना का माध्यम बनाया। उनकी रचनाएं पढ़ते हुए पाठक पहले मुस्कराता है और फिर ठिठक जाता है। जिस विसंगति पर वह हंस रहा होता …
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