Thursday , October 15 2026

लेख/स्तम्भ

आँखों सुनी कानों देखी

(वरिष्ठ पत्रकार सुजीत कुमार सिंह) कहते हैं पुण्य की सत्ता हमेशा स्वीकृत रहती है। पुण्य आत्मिक अध्यात्म का सर्वोच्च विधान है। वस्तुतः पुण्य कर्म विशेष को कहते हैं। सनातन सभ्यता में पुण्य सदाचार का प्रतीक है। पुण्य, व्यक्ति में उसके आत्मज्ञान, आदर्श, संस्कार, गुण और आलोक की सयुंक्त प्रेरणा है। …

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मांँ हीराबेन को समर्पित पीएम मोदी का ब्लॉग ‘मांँ’

“मां, ये सिर्फ एक शब्द नहीं है। जीवन की ये वो भावना होती जिसमें स्नेह, धैर्य, विश्वास, कितना कुछ समाया होता है। दुनिया का कोई भी कोना हो, कोई भी देश हो, हर संतान के मन में सबसे अनमोल स्नेह मां के लिए होता है। मां, सिर्फ हमारा शरीर ही …

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