ताइपे कैपिटल कप 2026 में हिस्सा लेने रवाना हुआ भारतीय स्किल दल

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने ताइपे, ताइवान में 26 से 28 मई 2026 तक आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय व्यावसायिक और तकनीकी कौशल प्रतियोगिता 2026 ताइपे कैपिटल कप वर्ल्डस्किल्स इनविटेशनल टूर्नामेंट में भाग लेने वाले भारतीय दल को रवाना किया। जो वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 से पहले वार्म-अप इवेंट के तौर पर आयोजित इस टूर्नामेंट में लगभग 15 देशों के प्रतिभागियों के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे।

यह प्रतियोगिता ग्लोबल स्किल डेवलपमेंट, टेक्निकल एक्सीलेंस, इंटरनेशनल कोलैबोरेशन और वर्कफोर्स इनोवेशन को बढ़ावा देती है। इसके साथ ही यह प्रतिभागियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वास्तविक दुनिया का प्रतिस्पर्धी अनुभव प्राप्त करने में मदद करती है। इस अवसर पर कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) की सचिव देवश्री मुखर्जी, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अरुणकुमार पिल्लई के साथ ही मंत्रालय और एनएसडीसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने प्रतियोगियों को आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्कृष्टता के साथ भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही उन्होंने ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता मानकों से सीखने के अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया।

उन्होंने कौशल प्रतियोगिताओं के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएँ न केवल तकनीकी क्षमताओं को निखारती हैं, बल्कि भारत के स्किलिंग इकोसिस्टम को भी मज़बूत करती हैं और देश के युवाओं को उभरते वैश्विक अवसरों के लिए तैयार करती हैं।

केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने कहा कि “2026 ताइपे कैपिटल कप वर्ल्डस्किल्स कॉम्पिटिशन से पहले टीम इंडिया के साथ बातचीत करके मुझे अत्यन्त प्रसन्नता हुई। ये ग्लोबल प्लेटफॉर्म सिर्फ मेडल के बारे में नहीं हैं, बल्कि ऐसे अनुभवों के बारे में हैं जो आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, दृष्टिकोण को व्यापक बनाते हैं और जीवन भर याद रहने वाली स्मृतियाँ रचते हैं। हमने अपने युवा प्रतियोगियों को प्रोत्साहित किया कि वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएँ, आगे बढ़कर सीखें, मित्रताएँ बढ़ाएँ, साझेदारियाँ कायम करें और अधिक आशा तथा व्यापक दृष्टिकोण के साथ वापस लौटें। टीम इंडिया को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ क्योंकि वे वैश्विक मंच पर एक स्किल्ड न्यू इंडिया की भावना, प्रतिभा और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।”