लखनऊ (शम्भू शरण वर्मा/टेलीस्कोप टुडे)। बच्चे अब मॉडर्न हो चुके हैं। ऐसे में, उनकी दुनिया सिर्फ किताबों और कार्टून देखने तक सीमित नहीं रह गई है। वे अपने आसपास के लोगों में भी सुपरहीरो ढूँढ लेते हैं.. कभी अपने पापा में, तो कभी अपने दादा में।
इसी मासूम सोच, परिवार के प्यार और बच्चों की कल्पनाओं को बड़े पर्दे पर लेकर आ रही है फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’। 29 मई को रिलीज होने वाली फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में जैकी श्रॉफ और तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक मनीष सैनी सोमवार को लखनऊ पहुँचे। जहाँ उन्होंने फिल्म से जुड़े कई दिलचस्प अनुभव साझा किए।

बच्चों के साथ अपने जुड़ाव को लेकर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने कहा, “मैं बच्चों के साथ हमेशा बच्चा बनकर रहता हूँ। मुझे सारे बच्चे मेरे बेटे टाइगर की तरह ही लगते हैं, इसलिए स्वाभाविक रूप से मेरा प्यार उनके लिए बेहद खास हो जाता है और मैं खुद भी उनके सामने बच्चा बन जाता हूँ। परिवारों को छोटी-छोटी बातों को समझना बहुत जरूरी है। उन्हें अपने बच्चों को यह बताने की जरूरत है कि खेलो-कूदो, लेकिन एक लिमिट में। यह समझना जरूरी है कि हर एक विषय में लक्ष्मण रेखा ही दायरा तय करती है।”
जैकी श्रॉफ ने तेजी से बढ़ते वृद्धाश्रमों और बिखरते संयुक्त परिवारों को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कई बच्चे अपने माता-पिता को पढ़ा-लिखाकर सक्षम बनाने वाले उन्हीं अभिभावकों से दूर हो रहे हैं, जिसके कारण बुजुर्ग अकेलेपन का जीवन जीने को मजबूर हैं।

जैकी श्रॉफ ने कहा कि जिन माता-पिता ने अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पूरी जिंदगी संघर्ष किया, वही बच्चे आज उनके साथ रहना पसंद नहीं करते। उन्होंने ऐसे लोगों पर तंज कसते हुए कहा कि जो आज अपने माता-पिता को अकेला छोड़ रहे हैं, भविष्य में उनके बच्चे भी उनके साथ वैसा ही व्यवहार कर सकते हैं।
एकल परिवारों की बढ़ती प्रवृत्ति पर टिप्पणी करते हुए अभिनेता ने कहा कि परिवारों को संयुक्त परिवार की परंपरा को बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा, माता-पिता को परिवार का अभिन्न हिस्सा समझना चाहिए। यदि कामकाज के कारण घर से दूर रहना पड़े, तो उन्हें भी अपने साथ रखना चाहिए, जैसे शरीर के किसी महत्वपूर्ण अंग को साथ रखा जाता है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान और उनकी देखभाल भारतीय संस्कृति की पहचान रही है, जिसे हर हाल में बनाए रखना जरूरी है।

जैकी श्रॉफ ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि “दबाकर पौधे लगाओ, यही भविष्य में काम आएंगे। अगर पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो आने वाली पीढ़ियों को ठंडक और बेहतर जीवन मिलेगा। खासतौर पर यूपी जैसे बड़े प्रदेश में अधिक से अधिक पौधे लगाए जाने चाहिए। स्कूलों में बच्चों को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक करना जरूरी है। हमें यह सोचना होगा कि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए कैसी दुनिया छोड़कर जा रहे हैं।”

वहीं, निर्देशक मनीष सैनी ने फिल्म पर विस्तार से बात करते हुए कहा, यह फिल्म एक ऐसे किरदार की कहानी को बयाँ करती है, जो खुद कहानियों में जीता है। जब मैं पहली बार जैकी सर को उनके घर पर फिल्म की कहानी सुना रहा था, तब एक समय ऐसा आया, जब मैंने किरदार का नाम लेना बंद कर दिया। उसकी जगह मैं यह कहने लगा कि आप जहाँ-जहाँ जाते हो, पीछे-पीछे सारे बच्चे आ जाते हैं। कुल मिलाकर मेरी कल्पना में जैकी सर ही इस किरदार के रूप में दिखाई दे रहे थे। जैकी दादा के भीतर एक बच्चा है, जो इस किरदार पर पूरी तरह फिट बैठता है। वह एक दादा भी हैं और एक सुपरहीरो भी। हर बच्चा अपने मन में अपने पिता या दादा को सुपरहीरो मानकर कल्पना करता है। ऐसे में, दादा को इस किरदार में ढालने के लिए अलग से ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। उनका टोन इस भूमिका के लिए बिल्कुल सही था।”

मनीष सैनी ने कहा, “जैकी दादा की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे हमेशा कहते हैं कि मैं एक्टर नहीं हूँ, मैं नॉन-एक्टर हूँ। लेकिन, जब भी मैं फिल्म के एडिट देखता हूँ, तो खुद हैरान रह जाता हूँ कि कितनी ऐसी-ऐसी चीजें उन्होंने पर्दे पर उतार दीं, जिनके बारे में मैंने सोचा तक नहीं था। एक दादा और सुपरहीरो के रूप में उन्होंने किरदार को बेहद खूबसूरती से जिया है।
हाल ही में रिलीज़ हुए फिल्म के ट्रेलर पर दर्शक और फैंस बेशुमार प्यार लूटा रहे हैं। विशेष रूप से बच्चों को यह फिल्म खूब लुभाएगी। ज़ी स्टूडियोज़ और आमदावाद फिल्म्स के बैनर तले बनी ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ का निर्देशन और लेखन दोनों मनीष सैनी ने किया है। जबकि उमेश कुमार बंसल और मनीष सैनी ने इसे प्रोड्यूस किया है। आकाश जेएच शाह, रेडिता टंडन और अमृता परांडे को-प्रोड्यूसर हैं। यह फिल्म 29 मई, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के लिए पूरी तरह तैयार है।
जैकी श्रॉफ के सुपरहीरो अवतार ने बढ़ाई उत्सुकता
फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ का ट्रेलर रिलीज होते ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। मजेदार अंदाज, भावनात्मक कहानी और सुपरहीरो थीम से सजे इस ट्रेलर में पुरानी यादों को ताजा करने वाले कई लोकप्रिय संदर्भ देखने को मिलते हैं। इसमें ‘शक्तिमान’, ‘करण-अर्जुन’ और ‘कोई मिल गया’ के जादू जैसे किरदारों की झलक दर्शकों को खास आकर्षित कर रही है।
फिल्म की कहानी दादा और पोते के अनोखे रिश्ते पर आधारित है। ट्रेलर में दिखाया गया है कि स्कूल जाने वाला पोता अपने दोस्तों को परिवार से जुड़ा एक बड़ा राज बताता है। वह दावा करता है कि उसके दादाजी, जिनकी भूमिका जैकी श्रॉफ निभा रहे हैं, दरअसल धरती के आखिरी छिपे हुए सुपरहीरो हैं, जो चुपचाप एलियंस के खतरे से दुनिया की रक्षा कर रहे हैं।

ट्रेलर में एक साधारण पारिवारिक जीवन और असाधारण कॉस्मिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है। कहानी में दादा-पोते के भावनात्मक रिश्ते के साथ भरोसा, प्यार और जिम्मेदारी जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई है। शुरुआत में पोते के दोस्त उसकी बातों पर विश्वास नहीं करते, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, दादाजी की रहस्यमयी शक्तियों का सच सामने आने लगता है और फिल्म रोमांचक एडवेंचर का रूप ले लेती है। ट्रेलर के अंतिम दृश्य में जैकी श्रॉफ का सुपरहीरो अवतार और एलियंस से उनका मुकाबला दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा देता है।
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