गांव के चबूतरे पर जीवंत हुई प्रेमचंद की ‘सुभागी’, युवाओं ने सीखे रंगमंच के गुर

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। मदर सेवा संस्थान के तत्वावधान में कोटवा, बख्शी का तालाब स्थित ‘चबूतरा थियेटर पाठशाला’ में युवाओं के लिए विशेष नाट्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी ‘सुभागी’ का नाट्य पाठ किया गया। 

कार्यशाला का संचालन युवा रंगकर्मी और फिल्म अभिनेता महेश चंद्र देवा ने किया। उन्होंने उपस्थित 20 से अधिक बच्चों और युवाओं को थियेटर की बारीकियों से रूबरू कराया। नाट्य पाठ से पूर्व सभी कलाकारों ने अभिनय के मुख्य स्तंभों—’वॉयस मॉड्यूल’ (आवाज का उतार-चढ़ाव) और ‘बॉडी मूवमेंट’ (शारीरिक संचालन) का कड़ा अभ्यास किया।

महेश चंद्र देवा ने बताया कि इस तरह की कार्यशालाओं का उद्देश्य ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओं को तराशना और उन्हें मंच प्रदान करना है। नाट्य पाठ के दौरान युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पात्रों के माध्यम से प्रेमचंद के सामाजिक संदेश को जीवंत किया। उन्होंने कहा कि संस्थान का लक्ष्य युवाओं को थियेटर के माध्यम से कला और समाज से जोड़ना है। 

कार्यक्रम के अंत में संस्थान के सदस्यों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर सुधीर, लवकुश, अंजलि, अनुष्का, आशी, अंकेश, विशाल, राजवीर, अनुराग, कृष्णा, सुमित, अनुज, प्राची आदि युवा कलाकार उपस्थिति थे।