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निवेश और औद्योगिक माहौल से प्रभावित हुए देशभर के सीएफओ


लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। उत्तर प्रदेश के तेजी से बदलते औद्योगिक और निवेश परिदृश्य की देशभर के कॉर्पोरेट वित्तीय जगत के शीर्ष अधिकारियों ने खुले दिल से सराहना की है। शनिवार को ‘इन्वेस्ट यूपी’ द्वारा आयोजित उच्चस्तरीय ‘मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) कॉन्क्लेव’ में देश के दिग्गज कंपनियों के 175 से अधिक सीएफओ और सीएक्सओ शामिल हुए। इनमें से कई शीर्ष अधिकारी पहली बार लखनऊ पहुंचे थे, जिन्होंने राज्य के अभूतपूर्व इंफ्रास्ट्रक्चर और नए औद्योगिक परिदृश्य को सराहा। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने “राजकोषीय अनुशासन, तीव्र विकास: राज्य की बैलेंस शीट से कॉर्पोरेट फाइनेंस क्या सीख सकता है” विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज राजस्व सरप्लस राज्य है। राज्य में तेजी से विकसित हो रहा इन्फ्रास्ट्रक्चर, निवेश-अनुकूल वातावरण और प्रभावी सुधार औद्योगिक विकास को नई गति दे रहे हैं। 

उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्थित निवेशकों ने सरकार द्वारा वादों के अनुरूप नीति लाभ, आधारभूत सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराने की सराहना की है। यह पूरा प्रयास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को ‘एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ बनाने के विजन को साकार करने की दिशा में एक कदम है।

उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव में शामिल लगभग 90 प्रतिशत सीएफओ पहली बार लखनऊ आए थे, जबकि कई प्रतिनिधि एक दशक बाद शहर पहुंचे। सभी ने प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, शहरी विकास और उद्योग-अनुकूल माहौल में आए व्यापक बदलाव पर आश्चर्य व्यक्त किया, जिसने उत्तर प्रदेश को लेकर उनकी सोच को सकारात्मक रूप से बदल दिया।

प्रमुख सचिव, नियोजन एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग आलोक कुमार ने उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की रणनीति साझा की। उन्होंने बड़े पैमाने पर विकास, निवेश संवर्धन, नवाचार और प्रस्तावित लखनऊ एआई सिटी जैसी नई संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रदेश सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास कर रहा है।  

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत करते हुए इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद ने उत्तर प्रदेश को घरेलू और वैश्विक निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश जीसीसी नीति-2024, उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 तथा यूपी एफडीआई/एफसीआई/फॉर्च्यून ग्लोबल एवं इंडिया 500 कंपनियों निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 सहित राज्य की निवेशक-अनुकूल नीतियों की जानकारी दी।

इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा शर्मा ने बताया कि ईज आफ़ डूइंग बिजनेस (ईओडीबी) के चलते उत्तर प्रदेश को बीआरएपी के तहत ‘टॉप अचीवर’ श्रेणी में है। साथ ही जनवरी 2026 में  केंद्र द्वारा जारी ‘डीरग्यूलेशन 1.0’ रैंकिंग में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर रहा। राज्य ने अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए अनुपालन बोझ कम किया है तथा सेवाओं के डिजिटलीकरण के माध्यम से निवेशकों का विश्वास और मजबूत किया है।