लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित तीन दिवसीय यूपी एनर्जी एक्सपो 2026 के दूसरे दिन शुक्रवार को स्वच्छ ऊर्जा, सौर परियोजनाओं, बैटरी स्टोरेज और रूफटॉप सोलर के भविष्य पर व्यापक चर्चा हुई। इस एक्सपो का आयोजन यूपीपीएचडीसीआईआई (पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज), फर्स्ट व्यू और यूपीनेडा के सहयोग से किया गया है।
इस आयोजन में इन्वेस्ट यूपी और ‘सेवा’ का सहयोग प्राप्त है, जबकि सिगएनर्जी इंडिया, ऑइकन सोलर, केईआई इंडस्ट्रीज लिमिटेड, सालासार टेक्नो इंजीनियरिंग लिमिटेड, पॉलीकैब इंडिया, साएल इंडस्ट्रीज, रेडिको खेतान, एरम फिनटैक्स इंडिया, सिनको एनर्जी और ट्रू पावर का समर्थन प्राप्त है।
यूटिलिटी स्केल सोलर और बैटरी स्टोरेज पर चर्चा
“भारत के अगले सोलर ग्रोथ मार्केट के निर्माण की दिशा में यूटिलिटी स्केल, सोलर पार्क एवं वित्तीय मॉडल” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में बुंदेलखंड सौर ऊर्जा लिमिटेड के सीईओ ओंकार यादव ने पीएम सूर्य घर योजना सहित विभिन्न सौर योजनाओं में यूपीनेडा की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि एनएचपीसी और अन्य ऊर्जा निकायों के साथ संयुक्त उपक्रमों के माध्यम से बड़े स्तर पर सोलर पार्क विकसित किए जा रहे हैं। हालांकि, कई परियोजनाओं पर एक साथ कार्य होने से चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि परियोजनाओं के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध हो जाए तो विकास कार्य और अधिक सुगम हो सकते हैं।
यूपीपीसीएल के निदेशक (कॉर्पोरेट प्लानिंग) दीपक रायजादा ने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग के दौरान ग्रिड पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि दिन में उत्पादित अतिरिक्त सौर ऊर्जा को बैटरी एवं बड़े स्टोरेज सिस्टम में सुरक्षित रखने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए ताकि पीक आवर्स में बिजली ग्रिड पर दबाव कम किया जा सके।
एआई आधारित ऊर्जा प्रबंधन पर जोर
सिगएनर्जी इंडिया के सीईओ अभिलाष बोराना ने कहा कि उनकी कंपनी सोलर पावर, बैटरी स्टोरेज, एआई-संचालित एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम और ईवी चार्जिंग को एकीकृत कर स्मार्ट एवं उपयोगकर्ता-अनुकूल समाधान विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी भारत को स्वच्छ और अधिक कुशल ऊर्जा भविष्य की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

यूपीईआरसी के संयुक्त निदेशक (ट्रांसमिशन, ऑपरेशन एवं प्लानिंग) अभिषेक मोजा ने कहा कि रेगुलेटर की भूमिका केवल नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि वह ऊर्जा कंपनियों और अन्य हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करने का भी कार्य करता है। उन्होंने बिजली परियोजनाओं की निकासी प्रणाली की स्पष्टता को लेकर चिंता व्यक्त की।
किसानों को साझेदार बनाने की जरूरत
पैनल चर्चा के दौरान वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश को सौर एवं स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिए तेजी से उभरता राज्य बताया। डेवलपर्स ने ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण जैसी चुनौतियों का उल्लेख किया। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि ग्राम पंचायतों जैसी विश्वसनीय संस्थाओं के माध्यम से किसानों में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए। साथ ही किसानों को केवल लाभार्थी नहीं बल्कि परियोजनाओं का भागीदार बनाने पर भी जोर दिया गया।
पीएम सूर्य घर योजना के तहत यूपी में रोजाना 2300 इंस्टॉलेशन
दूसरे पैनल “पीएम सूर्य घर एवं उससे आगे : भारत के रूफटॉप सोलर भविष्य का विस्तार” में वरिष्ठ परियोजना अधिकारी, यूपीनेडा अजय कुमार-1 ने कहा कि राज्य में सौर ऊर्जा को घर-घर पहुंचाने के प्रयास पिछले कई वर्षों से जारी हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में लगभग 425 वेंडरों को जोड़ा गया था, जिसकी संख्या अब 6 हजार से अधिक हो चुकी है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 2300 इंस्टॉलेशन किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा अब तक सौर उपभोक्ताओं को 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है। इसके माध्यम से 70 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और 35 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि राज्य का लक्ष्य 25 लाख घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने का है और उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश यह लक्ष्य अन्य राज्यों से पहले हासिल करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी सौर ऊर्जा नीति 2022, जो वर्ष 2027 तक प्रभावी है, उसे आगामी वर्षों में विस्तार दिया जा सकता है।
गुणवत्ता और कुशल तकनीशियनों पर विशेष बल
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने वेंडरों से गुणवत्ता से समझौता न करने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले सौर संयंत्र उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही, सौर संयंत्रों की स्थापना के बाद कुशल तकनीशियनों एवं कारीगरों की उपलब्धता बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। कई वक्ताओं ने पीएम सूर्य घर योजना को लेकर उपभोक्ताओं की शंकाओं और भ्रांतियों के समाधान पर भी अपने विचार साझा किए।

उत्कृष्टता पुरस्कारों का वितरण
तकनीकी सत्रों के बाद फर्स्टव्यू ग्रुप की ओर से “उत्तर प्रदेश ऊर्जा पुरस्कार” एवं “पीएम सूर्यघर विक्रेता (वेंडर) उत्कृष्टता पुरस्कार” वितरित किए गए। इस अवसर पर महेश गुप्ता (पूर्व अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार) तथा इं. अवनीश कुमार सिंह (सदस्य विधान परिषद, उत्तर प्रदेश) उपस्थित रहे।
ऊर्जा नवाचारों का प्रमुख मंच बन रहा एक्सपो
फर्स्टव्यू ग्रुप के सीईओ वरुण गुलाटी ने कहा कि यूपी एनर्जी एक्सपो प्रत्येक वर्ष लोगों को सोलर टेक्नोलॉजी, नवाचार और नई ऊर्जा परियोजनाओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण मंच बनता जा रहा है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
पीएचडीसीसीआई के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक अतुल श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों एवं आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि एक्सपो में 200 से अधिक कंपनियां सोलर ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड और उद्योगों से जुड़ी नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने सभी से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
Telescope Today | टेलीस्कोप टुडे Latest News & Information Portal