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सुरों से सजी कराओके महफिल, वरिष्ठ नागरिकों ने बिखेरा सुरों का जादू

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। फेस्का फिल्म्स एवं नटराज रिकॉर्डिंग स्टूडियो के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दूसरी कराओके महफिल में वरिष्ठ प्रतिभाओं ने अपने सुरीले अंदाज से समां बांध दिया। आइस एंड स्पाइस रेस्टोरेंट में आयोजित इस कार्यक्रम में विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के प्रतिभागियों ने भाग लेकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

फेस्का फिल्म्स के निर्देशक राजीव प्रकाश ने बताया कि यह महफिल कोई प्रतियोगिता नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक ऐसा मंच है, जहां वे अपनी छिपी प्रतिभा को प्रस्तुत करने के साथ ही जीवन के अकेलेपन को दूर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रतिभाओं को नई ऊर्जा और जीवन को नई दिशा देने का प्रयास है।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें निष्पक्षता बनाए रखने के लिए लॉटरी प्रणाली से प्रस्तुति क्रम तय किया गया। प्रत्येक प्रतिभागी को एकल या युगल रूप में दो बार प्रस्तुति का अवसर मिला, जबकि अंतिम चरण में एक भाग्यशाली प्रतिभागी को तीसरी बार गाने का मौका देकर ‘कराओके महफिल सरताज’ की उपाधि प्रदान की गई। इस आयोजन में कुल 20 प्रतिभागियों के साथ 10 अतिथियों को आमंत्रित किया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन पंकज सक्सेना ने किया, जबकि मंच के पीछे प्रतिभाओं के समन्वय का दायित्व राकेश श्रीवास्तव ने निभाया। तकनीकी सहयोग में नकुल श्रीवास्तव की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने गीतों को क्रमबद्ध कर स्क्रीन पर प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर फीचर फिल्म ‘लाल दाना’ के निर्देशक राजेश श्रीवास्तव, फिल्म कलाकार देवेंद्र मोदी, सीएसआर सिंह, शशि मोदी एवं आभा प्रकाश सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना एवं राष्ट्रीय गान से हुई। इसके बाद सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक लंच का आनंद लिया और अपने अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम के अंत में हाई टी के साथ पंकज सक्सेना ने सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए अगले माह फिर से महफिल में शामिल होने का आमंत्रण दिया। कार्यक्रम में प्रस्तुत गायकों और उनके गीतों का विवरण अलग से संलग्न किया गया।