Thursday , April 2 2026

डिप्टी सीएम ने किया विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। आज से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ हुआ है। साथ ही दस से 30 अप्रैल तक घर-घर दस्तक अभियान भी संचालित होगा। दोनों ही विशेष अभियानों के माध्यमों से मच्छरजनित बीमारियों पर हम वार करेंगे। इन अभियानों में 13 विभागों का समन्वय रहेगा। हमारी सरकार प्रदेश की जनता को उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उक्त बातें डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहीं।

बुधवार को बलरामपुर अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि वर्ष 2018 में 13 विभागों के सहयोग से मात्र सात जिलों में प्रारंभ किए गए इन अभियानों की सफलता को देखते हुए इन्हें समस्त 75 जनपदों में लागू किया गया है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग इस अभियान में नोडल विभाग का कार्य करता है तथा अन्य विभागों द्वारा अपने विभाग से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। 

आशा बहुएं तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता दस्तक अभियान की धुरी हैं। दस्तक अभियान के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष तीन बार ये कार्यकर्ता चार करोड़ से अधिक मकानों पर व्यक्तिगत रूप से जाकर रोगों से बचाव त्वरित उपचार एवं निदान तथा पर्यावरणीय एवं व्यक्तिगत स्वच्छता से संबंधित संदेश जनता को देते हैं। गर्भवती महिलाओं को रोगों से बचाव, ग्राम स्तर पर संवेदीकरण बैठकें, पेयजल को शुद्ध करने के तरीके तथा मच्छर निरोधी गतिविधियों जैसे अनेक कार्य भी साथ में संपादित किए जाते हैं।

रोगियों की संख्या में लगातार कमी

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2017 में दिमागी बुखार के 4724 रोगियों की तुलना में वर्ष 2025 में मात्र 694 रोगी सूचित हुए हैं। वर्ष 2017 में जापानीज इन्सेफेलाइटिस के 693 रोगियों की तुलना में वर्ष 2025 में मात्र 63 रोगी सूचित हुए। डेंगू एवं चिकनगुनिया रोग की रोकथाम हेतु प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में 89 (86 सेंटिनल तथा 03 एपेक्स) प्रयोगशालाएं क्रियाशील कर डेंगू की उन्नत जांच सुविधा उपलब्ध करा दी गई हैं। 

जागरूकता रैली को किया रवाना

डिप्टी सीएम ने जागरूकता रैली, प्रचार वाहनों और फॉगिंग मशीनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई), काला जार, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे मच्छरजनित रोगों में उल्लेखनीय कमी आई है और जेई के मामले शून्य की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि इस अभियान को जनआंदोलन बनाएं। घरों और आसपास जलजमाव न होने दें तथा पुराने बर्तन, टायर, गमलों की प्लेट, फ्रिज की ट्रे और कूलर आदि में पानी जमा न होने दें और नियमित सफाई रखें।

कार्यक्रम में राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष, महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. पवन कुमार अरुण, विशेष सचिव धीरेंद्र सचान, महानिदेशक, परिवार कल्याण डॉ. एच.डी. अग्रवाल, महानिदेशक, प्रशिक्षण डॉ. रंजना खरे, निदेशक, बलरामपुर चिकित्सालय डॉ. कविता आर्य, अपर निदेशक, स्वास्थ्य, लखनऊ डॉ. जी.पी. गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बलरामपुर डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।