शिमला : हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी थमने के बाद भी दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं और राज्य के अधिकांश पर्वतीय इलाकों में सामान्य जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त बना हुआ है। बर्फबारी के कारण जहां यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, वहीं बिजली और पेयजल आपूर्ति भी बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई है।राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार शाम तक प्रदेश में दो राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा एक हज़ार से ज्यादा सड़कें बंद रहीं, जिससे कई जिलों का संपर्क जिला और उपमंडल मुख्यालयों से कट गया है। शिमला जिला में सबसे ज्यादा 412 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा लाहौल-स्पीति जिले में 290 सड़कें चंबा में 132, मंडी में 126, कुल्लू में 79 और सिरमौर में 29 सड़कें बंद हैं। लाहौल-स्पीति में दो राष्ट्रीय राजमार्गों के बंद होने से आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। बर्फबारी का असर बिजली आपूर्ति पर भी गंभीर रूप से पड़ा है और प्रदेशभर में 5,775 ट्रांसफार्मर खराब होने से हजारों गांवों और कस्बों में अंधेरा पसरा हुआ है। सिरमौर जिले में सबसे ज्यादा 3,315 ट्रांसफार्मर ठप हैं, जबकि चंबा में 643, मंडी में 587, सोलन में 306, लाहौल-स्पीति में 153 और किन्नौर में 78 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। इसके अलावा 126 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिनमें अकेले कुल्लू जिले की 81 पेयजल परियोजनाएं ठप हैं, जिससे लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।राजधानी शिमला में दूसरे दिन भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं और शहर की लगभग सभी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। कार्यालयों, बाजारों और अन्य जरूरी कामों के लिए लोगों को फिसलन भरी सड़कों पर पैदल चलना पड़ रहा है। शिमला को निचले जिलों हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी और कांगड़ा से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर फिसलन बढ़ने से जाम लग रहा है। शिमला-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारू है लेकिन इस राजमार्ग पर भी फिसलन बढ़ गई है। ऊपरी शिमला के रोहड़ू, चौपाल, जुब्बल और कोटखाई क्षेत्रों का संपर्क लगातार दूसरे दिन भी जिला मुख्यालय से कटा हुआ है।मौसम विभाग के अनुसार, कुल्लू के कोठी में 105 सेंटीमीटर, गोंदला में 85, केलंग में 75, खदराला में 68, कुफरी में 66, मनाली और शिलारू में 45-45, कुकुमसेरी में 41, जोत में 32, हंसा में 30 तथा शिमला और सांगला में 27-27 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि धर्मपुर में 91, सोलन में 68 और कंडाघाट में 67 मिलीमीटर बारिश हुई है।बर्फबारी और बारिश के बाद पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है और शिमला, मनाली, कल्पा, कुकुमसेरी, नरकंडा, कुफरी, मशोबरा और ताबो सहित 11 स्थानों का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया है, जिसमें कुकुमसेरी में माइनस 7.2, कल्पा में माइनस 3.8, शिमला में माइनस 0.5 और मनाली में माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।मौसम विभाग ने 27 जनवरी को राज्य में भारी बर्फबारी, बारिश और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है और 26 से 28 जनवरी के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम के फिर बिगड़ने की चेतावनी दी है, जबकि 29 जनवरी से मौसम साफ होने की संभावना जताई गई है, लेकिन तब तक प्रदेश को ठंड और लगातार बनी दुश्वारियों से जूझना पड़ सकता है।
Telescope Today | टेलीस्कोप टुडे Latest News & Information Portal