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विविधता, समावेशन और पारस्परिक सम्मान पर हुई चर्चा

जी20 की नीतियों को बढ़ावा देने हेतु समाज कल्याण विभाग उप्र और विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा लखनऊ का साझा प्रयास

लखनऊ। G20 के अंतर्गत C 20 (सिविल सोसाइटी) कार्यक्रम समाज कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश और विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में “विविधता, समावेशन और पारस्परिक सम्मान” विषयक C 20 विमर्श का आयोजन रविवार को भागीदारी भवन गोमती नगर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन और ईश वंदना से और समापन शांति मन्त्रों द्वारा हुआ। विमर्श के मुख्य वक्ताओं के रूप में उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण और मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन विवेकानंद केंद्र लखनऊ नगर प्रमुख दीप नारायण पांडेय और धन्यवाद् ज्ञापन विवेकानंद केंद्र के प्रांत संचालक दयानंद लाल ने किया।

विवेकानंद केंद्र की प्रांत प्रमुख प्रो. शीला मिश्रा ने सी 20 की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहाकि सी 20 विमर्श का उद्देश्य नागरिक समाज और संगठनों के बीच नीतिगत चर्चाओं को सुविधाजनक बनाना और जी20 सरकारों के बीच नीतिगत चर्चाओं को बढ़ावा देना है। सी 20 (सिविल सोसाइटी) यह एक स्वायत्त मंच के रूप में कार्य करता है C20 में विवेकानन्द केन्द्र अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रमुख भूमिका निभा रहा है। सी 20 के माध्यम से विश्व को वननेस का सन्देश दिया जा रहा है। मां अमृतामयी ने बताया था कि अब समय सिंगल का नही मिंगल का है सी 20 के माध्यम से भारत पूरे विश्व को विश्व कल्याण के लिए आध्यात्मिकता का सशक्त संदेश दे रहा है।

उन्होंने कहाकि सिविल सोसाइटी 20 या सी20, जी20 फोरम के आठ आधिकारिक भागीदारी समूहों में से एक है। C20 का लक्ष्य दुनिया भर के नागरिक समाज संगठनों के दृष्टिकोण को G20 राष्ट्राध्यक्षों के सामने लाना है। G20 की अगुवाई में, C20 विभिन्न देशों के 800 से अधिक नागरिक समाजों, प्रतिनिधियों और नेटवर्क को शामिल करता है, जिसमें उन देशों के संगठन भी शामिल हैं जो G20 के सदस्य नहीं हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि G20 नेताओं में “समाज के सभी वर्गों के लोगों” की बात सुनी जाए।

विवेकानंद केंद्र की नगर सह संचालिका डॉ. सुषमा मिश्रा ने केंद्र का परिचय देते हुए बताया कि विवेकानन्द केन्द्र – आध्यात्मिक रूप से उन्मुख एक सेवा मिशन है। एकनाथजी रानाडे ने 1972 में स्वामी विवेकानन्द के जीवंत स्मारक के रूप में एक आध्यात्मिक रूप से उन्मुख सेवा मिशन विवेकानन्द केन्द्र की शुरुआत की। जिसमें समर्पित जीवनव्रती, सेवाव्रती, वानप्रस्थी और हजारों स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ-साथ लाखों संरक्षक, शुभचिंतक और प्रकाशन के सदस्य भी शामिल थे। विवेकानन्द केन्द्र इस महान विचार पर केंद्रित है कि मनुष्य की सेवा ही ईश्वर की पूजा है और यह राष्ट्रीय आदर्श त्याग और सेवा द्वारा निर्देशित है। स्वामी जी दरिद्र नारायण की सेवा को अधिक महत्व देते थे। यह भारत का राष्ट्रीय तीर्थ है। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र पुनर्निमाण की संकल्पना स्वामी जी प्रमुख संदेशों में से एक है।

स्वामी विवेकानन्द के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए, राष्ट्र के पुनर्निर्माण के लिए समाज के सभी स्तरों (चरणों) के लिए काम करने के लिए केंद्र की भारत भर में 850 से अधिक शाखाएँ और गतिविधि केंद्र हैं। इसे प्राप्त करने के लिए विवेकानन्द केन्द्र योग, स्वाध्याय वर्ग (अध्ययन मण्डल), संस्कार वर्ग, ग्रामीण विकास, शिक्षा, प्राकृतिक संसाधनों का विकास, युवाओं और महिलाओं को संगठित करना तथा स्वामी विवेकानन्द के जीवन और सन्देश, संस्कृति, वैदिक अध्ययन. पर आधारित प्रकाशनों के माध्यम से विभिन्न सेवा गतिविधियाँ चला रहा है। केंद्र सभी से राष्ट्रीय उत्थान के इस पुनीत कार्य में शामिल होने का आह्वान करता है।

समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने अपने उद्बोधन में कहा कि डायवर्सिटी, इंक्लूजन और म्युचुअल रिस्पेक्ट विषय बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन यदि इसे सरल भाषा मे कहें तो पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा दिया नारा सटीक बैठता है वो है सबका साथ सबका विकास। जो भी कार्य किए जाने हैं वो एक सिस्टम के तहत होने चाहिए, 

जो भी भाई बहन हमसे पीछे छूट गए हैं उन्हें आगे लाना है। अर्थ व्यवस्था के बारे में बताते हुए कहा कि एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी हम प्राप्त कर लेंगे लेकिन सामाजिक समानता लाने के लिए हमे अलग से काम करना होगा सिविल 20 का रोल इसमें और बढ़ जाता है। स्वामी विवेकानंद की एक किताब का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि स्वामी जी को हम भगवान का अवतार न मानें यह बात स्वयं एकनाथ रानाडे ने कही है। समाज कल्याण विभाग से ज्यादा समाज स्वयं अपना कल्याण कर रहा है। उन्होने कहा कि विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा लखनऊ राष्ट्र के लिए अच्छा कार्य कर रहा है। हम और हमारा विभाग ऐसे कार्यों के लिए सदैव आपके साथ हैं

मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने विवेकानंद केंद्र की सराहना करते हुए कहाकि यह एक ऐतिहासिक क्षण है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जी 20 की मेज़बानी कर रहा है। उसी के अन्तर्गत आज सी 20 विमर्श में सहभागिता करने का सुअवसर मिला। उन्होंने भिक्षा वृत्ति में लगे बच्चों, समाज के अन्तिम पायदान पर जीवन यापन कर रहे बच्चों को आगे लाने के लिए विवेकानंद केंद्र का आवाहन किया। परिवारों में आजकल बिखराव हो रहा है यह चिंतनीय स्थिति है परिवारों को जोड़ने के लिए हमें प्रयास करना चाहिए विवेकानंद केंद्र से इस पर भी जुड़ने का आवाहन किया। पर्यावरण संरक्षण और पौध रोपण को बढ़ावा देने के लिए अपील की।

आज के विमर्श कार्यक्रम में अपने अपने क्षेत्रों में नेतृत्व कर रहे शहर के गणमान्य और प्रबुद्ध लोगों, महिलाओं और युवाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। जिसमें प्रो. कीर्ति नारायण, पायसम के नवल पन्त, नेशनल ब्लाइंड एसोसिएशन की अमिता दुबे, स्पार्क इंडिया के अमिताभ मेहरोत्रा, केडी सिंह, अतुल कुमार, प्रमिल द्विवेदी, दुर्गेश मिश्रा, शोभिता टंडन, प्रो. संगीता, प्रो. एसपी त्रिपाठी, प्रमोद सक्सेना, अखिलेश सिंह, प्रवीन द्विवेदी, पीएन बालिया, अविरल बाजपेई, जीपी त्रिपाठी, रंजन यादव, डॉ अनिल मिश्र आदि सहित विवेकानंद केंद के भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।