Thursday , June 13 2024

सभी को बोलने का अधिकार, पर भंग न हो समाज की अक्षुण्ता



विश्व संवाद केन्द्र जियामऊ में आयोजित हुआ वृहद कार्यक्रम
लखनऊ।
विश्व संवाद केन्द्र जियामऊ के अधीश सभागार में रविवार को देवर्षि नारद जयंती का आयोजन किया गया। अतिथियों ने देवर्षि नारद और भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली के अधिवक्ता डी.के.दुबे ने कहा कि सत्य को समाज के सामने उजागर करना पत्रकारिता का धर्म है। देशहित में पत्रकारिता होनी चाहिए और पत्रकारों को लोकनीति के पक्ष में लिखना चाहिए।


डी.के.दुबे ने कहा कि मीडिया को राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी को बोलने का समान संवैधानिक अधिकार है लेकिन हम वह न बोलें जिससे समाज की अक्षुण्ता भंग न हो। हम समाज के सामने वही चीजें प्रस्तुत करें जिससे हमारी सम्प्रभुता बरकरार रहे। उन्होंने कहा कि अगर हम तटस्थ हो गये तो राष्ट्रविरोधी शक्तियां बलवती होंगी। अगर हम पत्रकारिता के व्यवसायीकरण की बात करते हैं तो भी पत्रकारों की जिम्मेदारी है कि हम इतिहास के उन पन्नों को खोलें जहां से देश का अहित हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा मूल आधार यह है कि जिससे लोक नीति का पालन हो, हमारा उद्देश्य एक होना चाहिये की देश का एकीकरण कैसे होगा? तमाम भिन्नताओं में हम एका कैसे करें? अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो हम देवर्षि नारद का अनुपालन नहीं करते हैं।
बीज वक्तव्य देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के सह क्षेत्र प्रचार प्रमुख मनोजकान्त ने कहा कि पत्रकार को संस्कृति एवं मूल्यों के प्रति आस्थावान होना चाहिए। देवर्षि नारद का कार्यक्षेत्र पूरा ब्रह्ममांड था। देवर्षि नारद सत्य के आग्रही थे। उनमें सत्य को कहने का साहस था। सत्य के आधार पर लोककल्याण के लिए वह सूचनाओं को आदान प्रदान करते थे। वह उन्हीं सूचनाओं को महत्व देते थे जिनसे लोक हित जुड़ा होता था।
मनोजकान्त ने कहा कि पत्रकार को सत्ता के विरूद्ध अपनी बात विनम्रता से कहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों में तीन बातें होनी चाहिए। पत्रकारों को मोहमुक्त होना चाहिए। दूसरा आध्यात्मिक चेतना का जागरण उसकी कृतियों में दिखना चाहिए। संस्कृति व मूल्यों के प्रति आस्थावान व विनम्र होना चाहिए। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कहीं प्रवेश कर पाना यह नारद जी की विशेषता थी, वह तर्क पूर्ण तरीके से कठिन विषयों को सरलता से प्रस्तुत करके थे, उनके सभी संवादों में तर्क होता था जिससे वह समाधान निकालते थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाषा विश्वविद्यालय लखनऊ के कुलपति प्रो. एन.बी.सिंह ने कहा कि देशहित समाजहित व लोकहित में पत्रकारिता करनी चाहिए। मीडिया को सत्य पर आधारित खबरें ही दिखानी चाहिए। एन बी सिंह ने कहा कि देवर्षि नारद आद्य पत्रकार हैं। नारद जी का मूल उद्देश्य जनकल्याण था। नारद जी ने लोककल्याण को ध्यान में रखते हुए सत्य सूचनाओं को समाज में पहुंचाने का काम करते थे, जिसमें सर्व समाज का हित जुड़ा था। उन्होंने कहा कि चाणक्य ने भी अपनी पुस्तक में लिखा है कि, वह समाज हमेशा सुरक्षित रहेगा जहाँ सही सूचनाओं का आदान-प्रदान होता है।
कार्यक्रम का संचालन विश्व संवाद केन्द्र के सचिव अशोक सिन्हा ने किया। आभार ज्ञापन विश्व संवाद केन्द्र के अध्यक्ष नरेन्द्र भदौरिया ने किया। अतिथियों का परिचय स्वयंसेवक संघ अवध प्रान्त के प्रान्त प्रचार प्रमुख डाॅ अशोक दुबे ने दिया। सभी अतिथियों को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अवध प्रान्त के प्रान्त समरता विभाग प्रमुख राजकिशोर, डॉ. लोकनाथ, डॉ. सचीन्द्र (सह प्रान्त प्रचार प्रमुख), डाॅ उमेश (विश्व संवाद केन्द्र प्रमुख), सर्वेश द्विवेद्वी राष्ट्रधर्म के प्रभारी निदेशक सहित अन्य सम्मानित लोग उपस्थित थे।