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राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र की संयुक्त निदेशक ने आईडीए राउंड का किया अवलोकन 

लखनऊ। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र की संयुक्त निदेशक डा. छवि पंत ने मंगलवार को लखनऊ का दौरा कर फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत चल रहे सर्वजन दवा सेवन (आईडीए राउंड) अभियान का अवलोकन किया। जनपद में आईडीए राउंड 10 से 27 फरवरी तक चलाया जा रहा है।

डा. छवि ने वृंदावन कालोनी के अजिया बोटैनिका अपार्टमेंट में फ़ाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कराने के लिए लगाए गए बूथ, उजरियांव मलिन बस्ती और वहाँ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), इंदिरा नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने आईडीए अभियान के संचालन को देखा और समुदाय के लोगों से बातचीत की। उन्होंने मुख्य तौर पर इस रोग से बचाव एवं इससे होने वाली दिक्कतों के बारे में चर्चा की। इंदिरा नगर सीएचसी पर संयुक्त निदेशक ने आईडीए अभियान के बारे में जाना और इससे संबंधित रिकॉर्ड्स को देखा।

डा. छवि ने उजरियांव मलिन बस्ती में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दवा खिलाते हुए देखा और उन्होंने यह भी देखा कि वह लोगों की लंबाई नाप रहे हैं और लंबाई के अनुसार ही दवा खिला रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी खुशी जतायी कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता समुदाय को अपने सामने ही दवा खिला रहे हैं, खाने के लिए नहीं दे रहे हैं। 

जिला मलेरिया अधिकारी डा. रितु श्रीवास्तव ने बताया कि संयुक्त निदेशक पूरे आईडीए राउंड से संतुष्ट दिखीं। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सराहना की और कहा कि प्रयास करें कि सभी लोग फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन करें।

अजिया बोटैनिका अपार्टमेंट निवासी अरुणव चक्रबर्ती ने परिवार सहित स्वयं भी फ़ाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन किया। उन्होंने कहा कि फ़ाइलेरिया ग्रसित मरीज को तो उन्होंने देखा है लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि इस बीमारी से बचाव संभव है। पिछले सप्ताह स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आकर बताया कि फ़ाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर इस बीमारी से बचा जा सकता है, फ़ाइलेरिया का कोई उपचार नहीं है। यह भी बताया कि 10 फरवरी से चलने वाले आईडीए राउंड में फ़ाइलेरिया से बचाव के लिए तीन दवाओं का सेवन कराया जाएगा। इसलिए हमने स्वयं भी दवा खाई और अपने परिवार को भी खिलाई। दवा खाने के बाद हमें कोई दिक्कत नहीं हुई है। 

एक अन्य निवासी राघवेंद्र ने बताया कि फ़ाइलेरिया बीमारी का नाम तो पता था लेकिन पिछले सप्ताह ही अखबार में एक खबर पढ़कर पता चला कि यह मच्छर से होने वाली बीमारी है और इसका कोई इलाज नहीं है। इसलिए आज जब अपार्टमेंट में बूथ लगा तो मैंने दवा का सेवन किया। दवा खाने के बाद मैं बिल्कुल स्वस्थ हूँ।

इस अवसर पर फ़ाइलेरिया उन्मूलन अभियान के राज्य कार्यक्रम अधिकारी डा. वीपी सिंह, सहयोगी संस्थाओं क्रमश: विश्व स्वास्थ्य संगठन, पीसीआई के प्रतिनिधि व  स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।