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फैजुल्लागंज की बदलेगी तस्वीर, बाढ़ रोकने का रोडमैप तैयार

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। फैजुल्लागंज में हर साल होने वाली बाढ़ और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह की उच्चस्तरीय बैठक में क्षेत्र को बाढ़ से राहत दिलाने के लिए फ्लड पंपिंग स्टेशन, तटबंध निर्माण और बुनियादी सुविधाओं के विकास से संबंधित योजनाओं पर चर्चा हुई थी। भाजपा विधायक पंकज सिंह ने शनिवार को इन परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जल्द ही शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

इसी बीच, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की प्रेरणा से फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए चलाए जा रहे 10 हजार राशन किट वितरण अभियान के चौथे दिन पंकज सिंह ने महर्षि विश्वविद्यालय, आईआईएम रोड परिसर से राहत सामग्री से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। भाजपा कार्यकर्ताओं और बूथ अध्यक्षों के माध्यम से प्रभावित परिवारों तक घर-घर राशन किट पहुंचाई जा रही हैं। इस अभियान में अक्षय पात्र फाउंडेशन और महर्षि महेश योगी संस्थान का सहयोग मिल रहा है।

पंकज सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को दैनिक उपयोग की आवश्यक खाद्य सामग्री उनके घरों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि संकट के समय उन्हें राहत मिल सके। अभियान के तहत प्रतिदिन 20 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से राहत सामग्री प्रभावित इलाकों में भेजी जा रही है।

पंकज सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, क्षेत्रीय विधायक, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में फैजुल्लागंज की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान पर विचार-विमर्श किया गया। इसके तहत फ्लड पंपिंग स्टेशन और तटबंध निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं की कुल लागत 300 करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से इन परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी है।

इसके अलावा प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग तथा आंतरिक गलियों और नालियों के विकास के लिए नगर निगम को निर्देश दिए गए हैं। फैजुल्लागंज और घैला क्षेत्र में हर घर नल से जल और सीवर योजना को स्वीकृत कराकर लागू करने के लिए भी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है।

कई इलाकों में पहुंचाई जा रही राहत सामग्री

राशन किट में आटा, चावल, दाल, खाद्य तेल, नमक, चीनी, मसाले, आलू और प्याज सहित रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक वस्तुएं दी जा रही हैं। इससे पहले भी प्रभावित परिवारों को भोजन के पैकेट, पेयजल, दवाएं, सब्जियां और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई गई है।

दाउदनगर, मामा कॉलोनी, दुर्गापुरी, भार्गव कॉलोनी और गणेश विहार सहित कई इलाकों में राहत अभियान चलाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त न्यू दाउदनगर, वैष्णवीपुरम, पीली कॉलोनी, नंदपुरम, कृष्ण लोक, मथुरा विहार, सावित्री नगर, लोहरामऊ, ऊंचा टीला, शिव शक्ति नगर और राम विहार में भी प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाई जा रही है। 

क्षेत्र में जल निकासी, सफाई, फॉगिंग, चिकित्सा सुविधाओं, सेप्टिक टैंकों की सफाई, बिजली व्यवस्था, सड़कों और गलियों की मरम्मत तथा नालों की सफाई जैसे कार्यों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए लार्वा रोधी छिड़काव कराया जा रहा है। स्थानीय समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों से समन्वय किया जा रहा है।

राहत सामग्री वितरण अभियान में क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा, सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी, विशेष कार्याधिकारी केपी सिंह, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राघवेंद्र शुक्ल, महर्षि विश्वविद्यालय के कुलपति एवं रजिस्ट्रार, मीडिया प्रभारी अनुराग साहू, प्रवीण गर्ग, रामशरण सिंह, अंकुश बाजपेयी, रश्मि सिंह, प्रदीप शुक्ल, सत्यदेव, रामू कनौजिया, शैलेंद्र मौर्य, सतीश वर्मा, बूथ अध्यक्ष, सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित कई लोगों की भागीदारी रही।