Thursday , September 3 2026

न्याय व्यवस्था को सद्साहित्य से मिलती है सही दिशा : उमानंद शर्मा


गायत्री ज्ञान मंदिर के ज्ञान यज्ञ अभियान के तहत 471वें युगऋषि वाङ्मय की स्थापना

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। गायत्री ज्ञान मंदिर द्वारा संचालित विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के माध्यम से विभिन्न संस्थानों और पुस्तकालयों में युगऋषि वाङ्मय की स्थापना कर ज्ञान, चिंतन और नैतिक मूल्यों के प्रसार का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को न्यायमूर्तिगण पुस्तकालय, उच्च न्यायालय, लखनऊ खण्डपीठ में युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों के 471वें युगऋषि वाङ्मय की स्थापना की गई।

कार्यक्रम के दौरान बी.पी. सविता ने अपने पूर्वजों की स्मृति में ज्ञानदान के रूप में पुस्तकालय को युगऋषि वाङ्मय के सम्पूर्ण 79 खण्ड भेंट किए। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को ‘अखण्ड ज्योति’ (हिन्दी) पत्रिका भी वितरित की गई। मुख्य प्रलेखीकरण अधिकारी-सह-मुख्य पुस्तकालयाध्यक्ष हेमन्त शुक्ला तथा समीक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह को अमृतवाणी कैलेण्डर भेंट किया गया।

वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि ऋषि का सद्साहित्य न्याय व्यवस्था के पथ पर चलने की शक्ति प्रदान करता है। युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य का साहित्य व्यक्ति निर्माण के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के नैतिक एवं वैचारिक उत्थान का मार्ग प्रशस्त करता है। न्याय व्यवस्था से जुड़े लोगों के लिए ऐसा साहित्य कर्तव्यबोध, नैतिकता और विवेक को मजबूत करने में सहायक हो सकता है।

इस अवसर पर बी.पी. सविता ने अपने पूर्वजों की स्मृति में वाङ्मय साहित्य को पुस्तकालय को समर्पित किए जाने को ज्ञानदान की सार्थक पहल बताया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य प्रलेखीकरण अधिकारी-सह-मुख्य पुस्तकालयाध्यक्ष हेमन्त शुक्ला ने सभी अतिथियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

वाङ्मय स्थापना कार्यक्रम में गायत्री ज्ञान मंदिर के प्रतिनिधि उमानंद शर्मा, बी.पी. सविता, सावित्री शर्मा एवं सरस्वती सिंह के साथ न्यायमूर्तिगण पुस्तकालय के मुख्य प्रलेखीकरण अधिकारी-सह-मुख्य पुस्तकालयाध्यक्ष हेमन्त शुक्ला, समीक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह, समीक्षा अधिकारी सुदीप्त श्रीवास्तव, समीक्षा अधिकारी नीलेश पटेल, समीक्षा अधिकारी हेमन्त कुमार, सेक्शन ऑफिसर श्वेता श्रीवास्तव, सेक्शन ऑफिसर प्रीति मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।