लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम में विश्व संस्कृत दिवस के उपलक्ष्य में संस्कृत विभाग द्वारा ‘वेदेषु विज्ञानम्’ विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. डॉ. शिवानी श्रीवास्तव ने की तथा संचालन संस्कृत विभाग प्रभारी डॉ. पूनम पाण्डेय ने किया।
व्याख्यान के मुख्य वक्ता ईश नारायण द्विवेदी ने अपने सारगर्भित व्याख्यान में वेदों में निहित वैज्ञानिक चिंतन एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वेद केवल आध्यात्मिक एवं दार्शनिक चिंतन के स्रोत ही नहीं हैं, अपितु उनमें भौतिक, रसायन, वनस्पति, तकनीकी, पर्यावरण, खगोल, स्वास्थ्य तथा मानव जीवन से संबंधित अनेक वैज्ञानिक अवधारणाओं के संकेत भी प्राप्त होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को वेदों का अध्ययन आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ करने तथा भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्ध विरासत को समझने के लिए प्रेरित किया।


अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. डॉ. शिवानी श्रीवास्तव ने कहा कि संस्कृत भारतीय संस्कृति, ज्ञान-विज्ञान और चिंतन परंपरा की महत्वपूर्ण संवाहिका है। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी को प्राचीन भारतीय ज्ञान-विरासत से जोड़ने में ऐसे अकादमिक आयोजनों की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए संस्कृत के अध्ययन, संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए डॉ. पूनम पाण्डेय ने विश्व संस्कृत दिवस के आयोजन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला तथा संस्कृत भाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा के मध्य विद्यमान गहरे संबंध को रेखांकित किया।
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