लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। आंचलिक विज्ञान नगरी द्वारा स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा, रचनात्मकता एवं नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “भारतीय ऊर्जा परिदृश्य 2047: संभावनाएँ एवं चुनौतियाँ विषय पर मंडलीय स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी 2026 का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में लखनऊ मंडल के छह जिलों—लखनऊ, लखीमपुर खीरी, उन्नाव, हरदोई, रायबरेली और सीतापुर से कुल 12 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रत्येक जिले से दो विद्यार्थियों ने अपने-अपने विद्यालय का प्रतिनिधित्व किया।


विद्यार्थियों ने भारत की भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं, नवीकरणीय एवं स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और सतत विकास से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला।

प्रस्तुतियों का मूल्यांकन विषय की समझ, वैज्ञानिक सामग्री, मौलिक विचार, प्रस्तुति कौशल, संचार की स्पष्टता तथा समस्याओं के समाधान की क्षमता के आधार पर किया गया।
जिसमें प्रथम स्थान रिदित टंडन (लखनऊ), द्वितीय स्थान तस्नीम नूर (हरदोई), तृतीय स्थान आराध्या वर्मा (लखीमपुर खीरी) ने हासिल किया। प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले रिदित टंडन और तस्नीम नूर अब राज्य स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी में लखनऊ मंडल का प्रतिनिधित्व करेंगे।

आंचलिक विज्ञान नगरी, लखनऊ ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को उनके उत्साहपूर्ण सहभागिता एवं उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए बधाई दी तथा विद्यार्थियों, विद्यालयों, शिक्षकों और अभिभावकों के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर मंडलीय विज्ञान अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार जायसवाल, आंचलिक विज्ञान नगरी के केंद्र प्रमुख स्वरूप मंडल तथा विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राम कुमार (शिक्षा अधिकारी, आंचलिक विज्ञान नगरी) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागी संस्थानों, एवं उपस्थित जनसमुदाय के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
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