मुंबई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। टाटा समूह के उत्पाद और भारत के सबसे पसंदीदा ओम्नी-चैनल ज्वैलरी ब्रांड, कैरटलेन ने अपने नए कलेक्शन ‘काशिका’ के लिए एक खास कैंपेन फिल्म प्रस्तुत की है। यह फिल्म काशी (बनारस) की समृद्ध संस्कृति और खूबसूरत ऐतिहासिक इमारतों को एक शानदार सिनेमाई सलाम है। 14 कैरट सोने और प्राकृतिक हीरों से सजे इस कलेक्शन में मंदिरों की सुंदर नक्काशी, पारंपरिक कारीगरी, और विरासत के डिज़ाइनों को आज के दौर के आधुनिक रूप में ढाला गया है, जो इस फिल्म की कहानी को बेहद खूबसूरती से बयां करते हैं।
इस फिल्म की जान है, सदाबहार गाना ‘तुम तक’, जो पूरी तरह से बनारस की रूह से जुड़ा हुआ है। यह संगीत काशिका फिल्म की कहानी में इस कदर रच-बस गया है कि यह न सिर्फ कहानी को आगे बढ़ाता है, बल्कि इसमें पुरानी यादों, प्यार और भावनाओं के गहरे रंग भी भर देता है। यह गाना दर्शकों को सीधे बनारस की मिट्टी और वहाँ के माहौल से जोड़ देता है।

काशी के रंग और रूह से गहराई से जुडी हुई इस फिल्म में यहाँ के मशहूर घाट, पवित्र मंदिर, और रोज़मर्रा की ज़िंदगी की एक अलग ही लय देखने को मिलती है। साथ ही, यह फिल्म उत्तर प्रदेश पर कैरटलेन के खास फोकस को भी दिखाती है, जो ब्रांड के लिए एक बेहद अहम और नया मार्केट बनकर उभर रहा है। यही वजह है कि यह कलेक्शन इस पूरे क्षेत्र का ब्रांड की तरफ से दिल से किया गया सम्मान है।
बनारस की सड़कों पर शूट की गई यह फिल्म शहर को उसके सबसे असली रंग में दिखाती है—जहाँ एक तरफ गुलज़ार गलियाँ हैं, तो दूसरी तरफ सुकून भरे शांत पल। यह विज़ुअल सफर बिल्कुल बनारस जैसा ही है: सदाबहार, बेहद करीबी, और गहरा।
कैरटलेन के मैनेजिंग डायरेक्टर, सौमेन भौमिक ने कहा, “‘काशिका’ हमारे इसी विश्वास को दिखाती है कि एक बेहतरीन डिज़ाइन हमेशा अपनी संस्कृति से प्रेरणा लेती है और कहानियों के ज़रिए साकार होती है। काशी की अपनी एक अलग ही रूह है, और बहुत कम गाने ऐसे हैं जो इसके जज़्बात को ‘तुम तक’ की तरह खूबसूरती से समेट पाते हैं। इन दोनों को एक साथ लाकर हम एक ऐसा कैंपेन बना पाए, जो इस शहर की विरासत को आज के आधुनिक अंदाज़ में और सीधे दिल को छू लेने वाले तरीके से सम्मानित करता है।”
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