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SBI का कुल कारोबार ₹110 लाख करोड़ के पार, शुद्ध लाभ ने बनाया नया रिकॉर्ड

मुंबई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। भारतीय स्टेट बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित किए। बैंक के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष सी.एस. शेट्टी ने कहा, “एसबीआई में हमारी रणनीति तीन मूल सिद्धांतों पर आधारित है- डिजिटल प्रथम, ग्राहक सर्वोपरि और राष्ट्र सदैव।“ 

उन्होंने कहा कि तिमाही के दौरान बैंक ने ग्राहकों की बैंकिंग प्रक्रिया को तेज, सरल और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से अपने प्रमुख ऑपरेशंस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट ‘सरल (SARAL)’ का विस्तार किया। बैंक ने YONO Business पर ‘YONO Ji’ नामक एजेंटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित वर्चुअल असिस्टेंट भी शुरू किया है, जो व्यावसायिक ग्राहकों को 24 घंटे सहायता प्रदान करेगा।

उन्होंने बताया कि एमएसएमई ड्रीम बिजनेस रूल इंजन का दायरा बढ़ाकर ₹10 करोड़ तक के एसएमई ऋणों को शामिल किया गया है। जिससे ऋण स्वीकृति प्रक्रिया तेज और अधिक एकरूप हो सकेगी, जबकि जोखिम मूल्यांकन की गुणवत्ता भी बनी रहेगी।

श्री शेट्टी ने कहा कि PRISM नामक पूर्वानुमान आधारित तनाव निगरानी प्लेटफॉर्म के जरिए बैंक आंतरिक और बाहरी स्रोतों से डेटा लेकर उधारकर्ताओं के खातों में संभावित तनाव के शुरुआती संकेतों की पहचान कर रहा है। इससे प्रस्तावित एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ईसीएल) ढांचे को लागू करने की तैयारी भी मजबूत होगी।

उन्होंने कहा, एसबीआई केवल अगली तिमाही के लिए नहीं, बल्कि अगले दशक के लिए खुद को तैयार कर रहा है। उन्होंने बताया कि एसबीआई समूह की सहायक कंपनियों ने भी मजबूत प्रदर्शन जारी रखा है। तिमाही के दौरान एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड की शेयर बाजार में सफल लिस्टिंग समूह के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही, जिसने सहायक कंपनियों द्वारा सृजित मूल्य को और मजबूत किया।

उन्होंने कहा कि 2030 में एसबीआई की 75वीं वर्षगांठ को ध्यान में रखते हुए बैंक भविष्य के एसबीआई के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

वित्तीय प्रदर्शन

बैंक ने ₹21,121 करोड़ का अब तक का सर्वाधिक तिमाही शुद्ध लाभ दर्ज किया। कर-पश्चात लाभ में सालाना आधार पर 10.23% की वृद्धि हुई, जिसका प्रमुख कारण परिचालन लाभ में बढ़ोतरी और 0.27% की कम क्रेडिट लागत रही। तिमाही में परिचालन लाभ सालाना आधार पर 9.77% बढ़कर ₹33,529 करोड़ रहा, जबकि शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 14.88% बढ़कर ₹46,992 करोड़ हो गई।

बैंक ने लाभप्रदता के सकारात्मक संकेतकों को बनाए रखा, जिसमें वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में आरओए 1.11% और आरओई 17.87% रहा। बैंक ने अपने मार्जिन में मजबूती प्रदर्शित की, जिसमें तिमाही के लिए घरेलू एनआईएम 3.00% और पूरे बैंक का एनआईएम 2.86% रहा। जो वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही की तुलना में क्रमशः 7 और 5 आधार अंक अधिक है।

एसबीआई का कुल कारोबार ₹110 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है। बैंक के ऋण में 18.63% और जमा में 9.73% की मजबूत सालाना वृद्धि दर्ज की गई।

एसबीआई का जमा आधार मजबूत और विविधीकृत बना रहा और कासा जमा में सालाना आधार पर 9.30% की वृद्धि दर्ज की गई। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी माहौल के बावजूद बैंक ने 39.24% का सुदृढ़ कासा अनुपात बनाए रखा। वहीं खुदरा सावधि जमा में भी 14.39% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता उद्योग में सर्वश्रेष्ठ बनी हुई है। सकल एनपीए 1.47% और शुद्ध एनपीए 0.38% पर आ गया, जो पिछले दो दशकों से अधिक समय से अपने न्यूनतम स्तर पर है। सकल एनपीए अनुपात में सालाना आधार पर 36 आधार अंक और शुद्ध एनपीए अनुपात में 9 आधार अंक की कमी आई। मजबूत वसूली और सुदृढ़ ऋण मूल्यांकन प्रणाली के कारण क्रेडिट लागत 0.27% पर नियंत्रित रही।

बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीएआर) बढ़कर 15.67% हो गया, जो नियामकीय न्यूनतम आवश्यकता से काफी अधिक है। डिजिटल बैंकिंग के क्षेत्र में भी एसबीआई ने अपनी अग्रणी स्थिति मजबूत की। तिमाही के दौरान 64% से अधिक बचत खाते YONO के माध्यम से डिजिटल रूप से खोले गए। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में बैंक के कुल लेनदेन का 98.8% वैकल्पिक डिजिटल माध्यमों से हुआ, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 98.6% था। बैंक ने बताया कि YONO के पंजीकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या 10.5 करोड़ से अधिक हो चुकी है। वहीं नए YONO प्लेटफॉर्म पर लॉन्च के केवल छह महीनों के भीतर ही 5 करोड़ से अधिक पंजीकरण दर्ज किए गए, जो ग्राहकों के बीच इसकी मजबूत स्वीकार्यता को दर्शाता है।