लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ती बीमारियों के बीच यदि कोई आदत सबसे अधिक जरूरी है, तो वह है पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदने से पहले उसका लेबल पढ़ना। यही संदेश लेकर देशभर में ‘फूड फार्मर’ के नाम से पहचान बना चुके न्यूट्रिशन अवेयरनेस एक्टिविस्ट रेवंत हिम्मतसिंका शनिवार को फिक्की फ्लो लखनऊ के विशेष आमंत्रण पर शहर पहुंचे। होटल ताज में आयोजित न्यूट्रिशन अवेयरनेस सेशन में उन्होंने सदस्यों को स्वस्थ और जागरूक उपभोक्ता बनने के गुर सिखाए।
रेवंत हिम्मतसिंका ने अपने अभियान ‘लेबल पढ़ेगा इंडिया’ का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी पैक्ड फूड का आकर्षक पैकेट या विज्ञापन नहीं, बल्कि उसका न्यूट्रिशन लेबल और इंग्रीडिएंट लिस्ट उपभोक्ता के निर्णय का आधार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि लोग फूड लेबल पढ़ने की आदत विकसित कर लें तो मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और अन्य जीवनशैली संबंधी बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सेशन के दौरान उन्होंने सरल भाषा में बताया कि किसी भी खाद्य उत्पाद में एडेड शुगर, ट्रांस फैट, सैचुरेटेड फैट, सोडियम और विभिन्न फूड एडिटिव्स की पहचान कैसे करें और किन उत्पादों से दूरी बनाए रखना बेहतर है। उन्होंने कई प्रचलित पैक्ड खाद्य उत्पादों के उदाहरण देते हुए बताया कि उपभोक्ता अक्सर आकर्षक दावों के कारण भ्रमित हो जाते हैं, जबकि सही जानकारी उत्पाद के लेबल पर ही उपलब्ध होती है।
फिक्की फ्लो लखनऊ की चेयरपर्सन सिमरन साहनी ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में जागरूक उपभोक्ता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। रेवंत हिम्मतसिंका की शोध आधारित प्रस्तुति ने सदस्यों को भोजन से जुड़े अनेक मिथकों और भ्रामक मार्केटिंग दावों की वास्तविकता से परिचित कराया। यह सत्र केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता करते हुए विभिन्न सवाल पूछे, जिनका रेवंत हिम्मतसिंका ने सरल और तथ्यात्मक उत्तर दिया। प्रतिभागियों ने कहा कि अब वे पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय केवल ब्रांड या विज्ञापन पर नहीं, बल्कि उसके पोषण संबंधी तथ्यों पर भी ध्यान देंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता निकिता गर्ग ने की।
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