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पेरिस कूटुर वीक में तनिष्क़-राहुल मिश्रा की साझेदारी ने बिखेरी भारतीय शिल्पकला की चमक

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। तनिष्क़ नेचुरल डायमंड्स और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर कूटुरियर राहुल मिश्रा ने पेरिस कूटुर वीक 2026 में अपनी तरह का पहला, एक्सक्लूसिव कूटुर ज्वेलरी कलेक्शन पेश किया है। यह भारत के सबसे बड़े ज्वेलरी हाउस और देश के एक सबसे चहेते फैशन डिज़ाइनर के बीच एक ऐतिहासिक पार्टनरशिप का आगाज़ है। यह कलेक्शन ओट कूटुर और हाई ज्वेलरी की दुनिया को एक साथ लाकर आधुनिक भारतीय लग्ज़री का एक अनोखा रूप पेश करता है। इसमें शानदार कूटुर के जादुई सफर को बेहद खूबसूरत और नायाब ज्वेलरी डिज़ाइन्स में ढाला गया है।

कई महीनों तक किए गए क्रिएटिव कलेक्टिव वर्क का नतीजा है कि, राहुल मिश्रा के जाने-माने कूटुर स्टाइल को तनिष्क़ नेचुरल डायमंड्स की कला और कारीगरी के ज़रिये स्कल्पचुरल ज्वेलरी में ढाला गया है। कूटुर के साथ मैच करने वाली ज्वेलरी बनाने के बजाय, दोनों ब्रांड्स ने हर पीस को कपड़ों के ही एक हिस्से के रूप में डिज़ाइन किया है—जहाँ ज्वेलरी में भी वही आर्किटेक्चरल बारीकी, मूवमेंट और कहानी कहने का अंदाज़ साफ झलकता है।

ढांचे और प्रकृति के आपसी तालमेल से प्रेरणा लेते हुए, इस कलेक्शन ने स्कल्पचुरल सिलएट्स, बारीक डिटेलिंग और जेमस्टोन्स की बेमिसाल कलाकारी के ज़रिए आर्किटेक्चरल रूपों को प्राकृतिक बहाव वाले फूलों के डिज़ाइन्स में बदल दिया है। अपनी तरह के अनोखे कूटुर ज्वेलरी क्रिएशंस के रूप में तैयार किया गया यह कलेक्शन, तनिष्क़ की प्राकृतिक हीरों की कारीगरी और राहुल मिश्रा के जाने-माने डिज़ाइन स्टाइल को एक नए रूप में पेश करता है। इसमें हर एक पीस कूटुर का ही एक हिस्सा महसूस होता है।

इस कलेक्शन के केंद्र में ‘द एनचांटेड कैनोपी’ और ‘द इंपीरियल कास्केड’ नेकवियर हैं। इनमें से हर एक पीस प्रकृति, आर्किटेक्चर और मूवमेंट को स्कल्पचुरल ज्वेलरी में ढालने की इस कलेक्शन की सोच को बखूबी दर्शाता है। इसमें नेचुरल व्हाइट और ब्लैक डायमंड्स को सिट्रीन, एमरल्ड, एमेथिस्ट, पिंक टूरमलाइन, रुबेलाइट और गार्नेट जैसे जेमस्टोन्स के साथ जोड़ा गया है। वहीं बारीक पावे, स्नो पावे, चैनल और प्रोंग सेटिंग्स ने हर क्रिएशन में एक खूबसूरत रोशनी, गहराई और मूवमेंट का अहसास जगाया है।

अपनी तरह के इकलौते और लिमिटेड-एडिशन कूटुर क्रिएशंस के रूप में डिज़ाइन किए गए इन पीसेस को संग्रह करने योग्य कलाकृति की तरह विशेष रूप से पेरिस कूटुर वीक की प्रस्तुति के लिए तैयार किया गया था। इसके बाद, ये केवल चुनिंदा शोकेस और प्राइवेट क्लाइंट एक्सपीरिएंस के ज़रिए ही उपलब्ध होंगे। यह कलेक्शन उस दुर्लभता, बेजोड़ कारीगरी और कस्टमाइज़्ड अंदाज़ को दर्शाता है, जो लक्ज़री की सबसे ऊंची परिभाषा है।

फैशन के एक सबसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंचों पर शुरूआत करते हुए, यह कलेक्शन नेचुरल डायमंड कारीगरी में तनिष्क़ के दशकों पुराने अनुभव और राहुल मिश्रा की कूटुर के ज़रिए कहानी बयां करने की नज़रिए को एक साथ लाता है। यह आधुनिक भारतीय लग्ज़री का एक ऐसा दृष्टिकोण पेश करता है, जो अपनी जड़ों और विरासत से गहराई से जुड़ा होने के साथ-साथ वैश्विक स्तर के लग्ज़री पारखियों के दिलों को भी छूता है।

इस पार्टनरशिप और डिज़ाइन्स पर बात करते हुए, टाइटन कंपनी लिमिटेड की चीफ डिज़ाइन ऑफिसर रेवती कांत ने कहा, “कूटुर हमेशा से ही बेहतरीन कारीगरी का सबसे ऊंचा रूप रहा है, और आभूषणों में कहानियों, भावनाओं और असाधारण कला को समेटने की एक अनोखी खूबी होती है। पेरिस कूटुर वीक में इस कलेक्शन को पेश करना एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक पड़ाव है—न केवल राहुल मिश्रा के साथ इस साझेदारी के लिए, बल्कि खुद भारतीय डिज़ाइन जगत के लिए भी। यहाँ दो भारतीय क्रिएटिव हाउसेज़ एक साथ आए हैं, जो यह साबित करते हैं कि हमारी कारीगरी, नवाचार और बेजोड़ डिज़ाइन दुनिया भर के कूटुर ज्वेलरी के तौर-तरीकों और सोच को एक नया आकार दे सकते हैं। महज़ एक कलेक्शन से कहीं बढ़कर, यह हमारी क्रिएटिविटी, विरासत और आधुनिक लग्ज़री का एक जश्न है। यह एक ऐसे विकसित हो चुके डिज़ाइन स्टाइल को दिखाता है जो परंपरा का सम्मान भी करता है और वैश्विक मंच पर भारतीय ज्वेलरी की सीमाओं को एक नया विस्तार भी देता है।”

इस पार्टनरशिप पर बात करते हुए राहुल मिश्रा ने कहा, “एक कूटुरियर होने के नाते, मेरा नज़रिया हमेशा भारतीय कारीगरी की असाधारण संभावनाओं को दुनिया के सामने लाना रहा है। यह साझेदारी उसी सोच को ज्वेलरी के रूप में एक नया विस्तार देती है। इसके ज़रिए मेरी उन प्रेरणाओं को प्राकृतिक हीरों और कीमती जेमस्टोन्स का नया अंदाज़ मिला है, जिन्हें मैं आमतौर पर अपनी कढ़ाई से बयां करता हूँ। तनिष्क़ नेचुरल डायमंड्स के साथ मिलकर, हमने ऐसे पीसेस बनाए हैं, जो मॉडर्न हाई ज्वेलरी की भाषा बोलते हों, और साथ ही भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत से गहराई से जुड़े हों। ज्वेलरी मेकिंग में उनके बेजोड़ हुनर की वजह से ही कूटुर के मूवमेंट, उसकी बनावट और भावनाओं को इन डिज़ाइन्स में ढालना मुमकिन हो पाया। यही वजह है कि ये क्रिएशंस बारीक डिटेलिंग और बहते हुए अंदाज़ के साथ कहानियों का एक गहरा सफ़र बयां करती हैं। ‘द मेटामॉर्फोसिस’ नेकवियर बदलाव की खूबसूरती और निरंतर विकास को दर्शाता है, जबकि ‘द फ्लोरल हेक्सागोन’ नेकवियर ज्यामिति और प्रकृति के बीच के खूबसूरत तालमेल को तलाशता है। ये पीस सिर्फ अलग-अलग क्रिएशंस नहीं हैं, बल्कि ये उस विचार का जश्न मनाते हैं जिसने हमेशा मेरे काम को दिशा दी है: कि कला अपने भीतर यादों को समेटे रखती है, और जब इसे पूरी शिद्दत के साथ एक नया रूप दिया जाता है, तो परंपरा नए और बेहद मायने रखने वाले तरीकों से आगे बढ़ती रहती है।”

यह कलेक्शन कूटुर और ज्वेलरी के बीच एक नए तालमेल को दर्शाता है। यहाँ डिज़ाइन, जेमस्टोन्स और कला मिलकर ऐसे पीसेस बनाते हैं, जो सिर्फ फैशन के एक पल तक सीमित नहीं रहते। हर एक क्रिएशन रैंप के उस जादू को अपने भीतर समेटे हुए है। इसके साथ ही, यह बेहतरीन क्रिएटिव विज़न और हमेशा के लिए अमर रहने वाले डिज़ाइन का एक बेमिसाल रूप बन जाती है।