BOB : डिजिटल बैंकिंग में साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए आयोजित होगा ‘हैकाथॉन 2026’

अहमदाबाद (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। बैंक ऑफ़ बड़ौदा, वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफ़एस) एवं भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के मार्गदर्शन में आयोजित पीएसबी हैकाथॉन सीरीज़ 2026 के तहत, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर के साथ मिलकर ‘हैकाथॉन 2026’ का शुभारंभ करने जा रहा है। 

बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने इस पहल के समन्वय के लिए अपने इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर (आईआईईसी) के माध्यम से आईआईटी गांधीनगर के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस हैकाथॉन का लक्ष्य मौजूदा और पूर्व विद्यार्थियों के लिए एक खुला नवोन्मेषी प्लेटफॉर्म प्रदान करना है, ताकि वे बैंकिंग परिचालन और वित्तीय सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियों के समाधान हेतु तकनीकी-आधारित समाधान विकसित कर सकें। 

हैकाथॉन श्रृंखला के भाग के रूप में, बैंक IIT गांधीनगर के सहयोग से, साइबर सुरक्षा और धोखाधड़ी डोमेन के तहत सामने आने वाली महत्वपूर्ण चुनौतियों संबंधी विवरणिका पर ध्यान केंद्रित करेगा। जिसका शीर्षक “आइडेंटिटी ट्रस्ट, प्रोटेक्शन एंड सेफ़्टी” होगा। इस गतिविधि का लक्ष्य एक ऐसा प्राइवेसी-फर्स्ट, जोखिम-आधारित आइडेंटिटी ट्रस्ट फ्रेमवर्क तैयार करना है, जो डिजिटल बैंकिंग चैनलों पर लगातार ग्राहकों और उद्यमों की पहचान को प्रमाणित करने में सक्षम हो।

प्रस्तावित समाधान का उद्देश्य उपयोगकर्ता के असामान्य व्यवहार, नए डिवाइस के उपयोग, संदिग्ध ऑनबोर्डिंग या खाता रिकवरी के प्रयासों तथा विशेषाधिकार प्राप्त एक्सेस के दुरुपयोग जैसी उच्च-जोखिम वाली घटनाओं का समझदारी से पता लगाना है एवं केवल उच्च जोखिम स्तरों की पहचान होने पर ही रियल-टाइम सत्यापन शुरू करना है।

इस चुनौती का अपेक्षित परिणाम खातों के टेकओवर, केवाईसी धोखाधड़ी एवं आंतरिक दुरुपयोग को कम करने में मदद करना है, जबकि उपयोगकर्ता तथा लेनदेन में वृद्धि जारी रखते हुए बैंकिंग चैनलों में सुरक्षित, अनुपालित, स्केलेबल और बाधारहित डिजिटल एक्सेस को संभव बनाना है।

इस पहल के द्वारा, बैंक ऑफ़ बड़ौदा का लक्ष्य अकादमिक क्षेत्र और उद्योग के बीच साझेदारी को बढ़ावा देना है ताकि नवोन्मेषी युवाओं को सुरक्षित और सुदृढ़ डिजिटल बैंकिंग के भविष्य को आकार देने में योगदान करने हेतु प्रोत्साहित किया जा सके।

इस पहल के बारे में बात करते हुए संजय वी. मुदालियर (कार्यपालक निदेशक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा) ने कहा, “बैंक ऑफ़ बड़ौदा का मानना है कि कोई भी नवाचार तभी सफल होता है जब शिक्षा और उद्योग जगत असल दुनिया की चुनौतियों को हल करने के लिए एक साथ आते हों। हैकाथॉन 2026 के माध्यम से, हमारा लक्ष्य एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना है। जो नवोन्मेषी युवाओं को सशक्त समाधान विकसित करने में सक्षम बनाते हुए ग्राहक अनुभव को नए सिरे से परिभाषित कर सकें। डिजिटल क्षमताओं को सुदृढ़ कर सकें और तेज़ी से बदलते बैंकिंग ईकोसिस्टम के विकास में योगदान कर सकें। जैसे-जैसे डिजिटल बैंकिंग को अपनाने में तेज़ी आ रही है, विश्वस्त बैंकिंग प्रणाली तथा सुदृढ़ साइबर सुरक्षा फ्रेमवर्क सुरक्षित, बाधा रहित एवं भविष्य के लिए तैयार बैंकिंग अनुभव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।“

यह पहल बैंक ऑफ़ बड़ौदा की नवाचार-आधारित ट्रांसफॉर्मेशन तथा सुरक्षित, ग्राहक-केंद्रित एवं भविष्य के लिए तैयार बैंकिंग समाधान बनाने के लिए उभरती तकनीक का लाभ प्रदान करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस पहल के संबंध में चर्चा करते हुए, प्रो. रजत मूना (निदेशक, आईआईटी गांधीनगर) ने कहा, “हमें बैंक ऑफ़ बड़ौदा के साथ मिलकर इस पहल का शुभारंभ करते हुए खुशी हो रही है, जो मौजूदा एवं पूर्व विद्यार्थियों के बीच नवाचार, समस्या-समाधान प्रवृत्ति तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करेगी। ऐसी साझेदारियां प्रतिभागियों को उद्योग की व्यावहारिक चुनौतियों के संबंध में अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का सदुपयोग करने तथा भारत की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन यात्रा में सार्थक योगदान करने का अवसर प्रदान करती हैं।”

हैकाथॉन में मूल्यांकन, मार्गदर्शन और समाधान विकसित करने के कई चरण शामिल होंगे, जिनका समापन एक भव्य फ़िनाले में होगा, जहाँ चयनित टीमें बैंकिंग, तकनीक एवं शिक्षा जगत के नेतृत्वकर्ताओं की एक प्रतिष्ठित जूरी के समक्ष अपने समाधान प्रस्तुत करेंगी।