गुरुग्राम (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम ने जून 2026 में एअर इंडिया को दुनिया की चौथी समय की सबसे पाबंद एयरलाइन का दर्जा दिया है। यह भरोसेमंद संचालन और शेड्यूल के अनुपालन पर एयरलाईन के लगातार फोकस को दर्शाता है।
सिरियम द्वारा जून 2026 में जारी ऑन-टाइम परफॉर्मेंस रिपोर्ट के अनुसार, इस माह के दौरान एअर इंडिया 15,135 उड़ानों को ट्रैक किया गया, जिनमें से 86.85 उड़ानें समय पर पहुंची। इसी तरह 86.23 फीसदी उड़ानें समय पर रवाना हुईं और एयरलाईन ने 99.7 फीसदी का कंप्लीशन फैक्टर भी दर्ज किया, यानि लगभग सभी शेड्यूल्ड उड़ानें योजना के अनुसार संचालित हुईं। यह रैंकिंग संचालन की मज़बूती, नेटवर्क की बेहतर प्लानिंग तथा डोमेस्टिक एवं इंटरनेशनल संचालन में एअर इंडिया द्वारा लगातार किए जा रहे निवेश को दिखाती है।
भारत के दो सबसे बड़े एयरपोर्ट्स – दिल्ली और मुंबई – के ज़रिए बड़ी संख्या में डोमेस्टिक एवं इंटरनेशनल कनेक्शन का संचालन करने वाली हब-एंड-स्पोक नेटवर्क एयरलाइन के रूप में एअर इंडिया संचालन की मुश्किल चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन व्यस्त एयरपोर्ट्स पर भीड़ और एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल की पाबंदियों के कारण एयरलाइन के संचालन पर असर पड़ सकता है, जो अक्सर पूरे नेटवर्क को प्रभावित करता है।
समय के साथ, एअर इंडिया ने अपने शेड्यूल की विश्वसनीयता को बेहतर बनाने और मेहमानों को यात्रा का उत्कृष्ट अनुभव प्रदान करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें उड़ान उड़ान को समय पर रवाना करना, विमान के टर्नअराउंड प्रोसेस को आसान बनाना, रियल-टाइम नेटवर्क मॉनिटरिंग को बेहतर बनाना और एयरलाइन में तेज़ी से ऑपरेशनल फ़ैसले लेने की क्षमता बढ़ाना शामिल है।
एयरलाइन ने मज़बूत आकस्मिक योजना, बेहतर क्रॉस-फ़ंक्शनल तालमेल और ऑपरेशनल प्रत्यास्थता के ज़रिए संचालन को सक्षम बनाने पर भी ध्यान दिया है। जो मौसम की परिस्थितियों, एयरस्पेस की पाबंदियों, एयरपोर्ट पर भीड़ या तकनीकी दिक्कतों जैसी अचानक आने वाली रुकावटों से निपटने के लिए ज़रूरी है। इन कोशिशों से रुकावटों का प्रभाव कम करने, नेटवर्क को स्थिर रखने और मेहमानों के अपनी मंज़िल तक ज़्यादा भरोसे के साथ पहुँचने में मदद मिलती है।
वर्तमान में चल रहे बदलाव के बड़े प्रयासों के तहत एअर इंडिया अपने परफ़ॉर्मेंस को बेहतर बना रही है। इन प्रयासों में फ्लीट का आधुनिकीकरण, मेहमानों के अनुभव को बेहतर बनाना, डिजिटल इनोवेशन और अपने बढ़ते हब-एंड-स्पोक नेटवर्क के ज़रिए ग्लोबल कनेक्टिविटी को मज़बूत बनाना शामिल है।
फ्लीट को आधुनिक बनाने की कोशिशें
अपने बदलाव के तहत एअर इंडिया दुनिया के सबसे बड़े फ्लीट के नवीनीकरण पर काम कर रही है। एअर इंडिया 600 नए एयरबस और बोइंग विमानों का ऑर्डर दिया है और साथ ही अपने मौजूदा फ्लीट को भी आधुनिक बना रही है। एयरलाइन ने पिछले छह महीनों में तीन नए बोइंग 787-9 विमान शामिल किए हैं, तथा 2026 में बोइंग 787-9 और एयरबस ए350-1000 विमानों के फ्लीट में शामिल होने की उम्मीद है।
इसके साथ एअर इंडिया अपने पुराने वाइडबॉडी फ्लीट को अपग्रेड (रीट्रोफिट) करने का काम भी कर रही है। इनके 26 पुराने बोइंग 787-8 विमानों में से दो, जिनके इंटीरियर को पूरी तरह से नया रूप दिया गया है, पहले ही सेवा में लौट चुके हैं, जबकि तीन अन्य विमानों को अभी अमेरिका में अपग्रेड किया जा रहा है।
2026 के अंत तक, एअर इंडिया के वाइडबॉडी फ्लीट में 50 फीसदी से अधिक विमानों में नए या अपग्रेडेड इंटीरियर होंगे, जिससे एयरलाइन के लंबी दूरी के नेटवर्क पर मेहमानों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
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