लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अलीगंज में सोमवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 विषय पर एक विचारोत्तेजक परिचर्चा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में इग्नू के वरिष्ठ निदेशक डॉ. अनिल कुमार मिश्रा मुख्य अतिथि तथा निदेशक डॉ. अनामिका सिन्हा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर रश्मि बिश्नोई ने की। अपने स्वागत संबोधन में उन्होंने अधिनियम की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए नारी सशक्तिकरण अत्यंत आवश्यक है।
तेजस्विनी चक्रवर्ती ने अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं इग्नू की छात्रा नेहा सिंह तथा महाविद्यालय की छात्राएं कोमल शुक्ला, साक्षी वाजपेयी, अदिति शुक्ला, रिम्सा कुरैशी और वर्षा वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इग्नू समन्वयक डॉ. विशाल प्रताप सिंह ने अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत व्याख्या की। विशिष्ट अतिथि डॉ. अनामिका सिन्हा ने कहा कि नारी प्रतिभा और शौर्य का प्रतीक है। जिस दिन महिलाएं नीति-निर्धारण में अग्रणी भूमिका निभाएंगी, उसी दिन भारत वास्तविक अर्थों में विकसित राष्ट्र बनेगा।
इस अवसर पर प्रो. संजय बरनवाल, डॉ. रोशनी सिंह, डॉ. हेमलता पांडे तथा डॉ. भास्कर शर्मा ने भी विषय पर अपने विचार रखे। मुख्य अतिथि डॉ. अनिल मिश्रा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्राचीनकाल से ही नारी का सम्मान रहा है और अब समय आ गया है कि नीति-निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्वेता भारद्वाज ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. भास्कर शर्मा ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में एक मानव श्रृंखला का निर्माण किया गया, जिसका संयोजन ले. प्रतिमा शर्मा ने किया।
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